बरपाली में भब्य कलशयात्रा शोभायात्रा के साथ संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ

बरपाली में भब्य कलशयात्रा शोभायात्रा के साथ संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ

January 6, 2026 0 By Ajeet Yadav
(प्रथम दिवस वेदी पूजन देव आह्वान के पश्चात सुनाई गई कथा महात्म्य-देवी पूजा किशोरी जी)

जिला संवाददाता जितेन्द्र तिवारी जांजगीर चांपा

बिर्रा- चित्रोत्पला गंगा महानदी तट पर स्थित ठाकूरदेव की पावन धरा ग्राम बरपाली (गिधौरी) की पवित्र भूमि में साहू परिवार द्वारा संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ नववर्ष पर 5 जनवरी को भब्य कलशयात्रा शोभायात्रा के साथ हुआ ।कथा व्यासपीठ पर राष्ट्रीय कथावाचिका सुश्री पूजा किशोरी सक्ती विराजमान हैं। कथा का समय दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक होगी। अलौकिक कथा प्रसंग में 5 जनवरी को सुबह 11 बजे कलशयात्रा शोभायात्रा किर्तन भजन के साथ निकाली गई। राष्ट्रीय कथावाचिका सुश्री पूजा किशोरी रथ पर सवार होकर ग्राम भ्रमण करते हुए कथा स्थल पहुंचे।जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं युवतियां सिर पर कलश धारण कर ग्राम भ्रमण किए।इस अवसर पर ग्रामवासी श्रद्धालु शामिल हुए। तत्पश्चात वेदी पूजन देव आह्वान पश्चात कथावाचिका सुश्री पूजा किशोरी जी ने कथा महात्म्य की महिमा बताई कि इस दारूण कलिकाल में संकीर्तन ही मानव जीवन का कल्याण कर सकता है उन्होंने भागवत की महत्ता को बताते हुए कहा कि भक्ति (ईश्वर के प्रति समर्पण), ज्ञान(आत्म ज्ञान और ईश्वरीय ज्ञान), वैराग्य(सांसारिक मो से विरक्ति) और त से तरना (विकारों से पार होकर भवसागर से मुक्ति) को ही भागवत कथा बताया गया। उन्होंने सनकादि ऋषियों की कथा का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि सनकादि ऋषि सनक, सनन्दन, सनातन और सनत्कुमार ब्रह्मा के चार मानस पुत्र हैं जो हमेशा पांच वर्ष के बाल रूप में ही रहते हैं और भगवान विष्णु के प्रथम अवतार माने जाते हैं।कथा के बीच बीच संगीत के माध्यम से उपस्थित श्रोतागण और श्रद्धालु भक्ति में झुमते नज़र आए। आगामी कथा में शुकदेव जन्म, परीक्षित जन्म,कपिलोख्यान, 7 को सती चरित्र, ध्रुव चरित्र, प्रहलाद चरित्र, 8 को समुद्र मंथन वामनावतार रामावतार श्रीकृष्ण भब्य जन्मोत्सव नंदोउत्सव, १ को माखनचोरी की लीला गोवर्धन पूजा, 10 को महारास, श्रीकृष्ण रूक्मिणी मंगल विवाहोत्सव 11 को सुदामा चरित्र परीक्षीत मोक्ष कथा विश्राम चढ़ोत्तरी और 12 जनवरी को यज्ञ हवन पूर्णाहुति सहस्त्रधारा के साथ संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का समापन होगा। आयोजन को लेकर श्रीमती भगवती साहू-चमारराय साहू, सतकौड़ प्रसाद साहू, तीजराम साहू, घांसीराम कांशीराम, घसियाराम, रामनाथ साहू, संतोष, राधेश्याम साहू सहित समस्त साहू परिवार व शुभचिंतक ग्रामीण स्नेहीजन जुटे हुए हैं।