रजत महोत्सव अंतर्गत कन्या महाविद्यालय में छात्राओं को बाल सुरक्षा पर दी गयी जानकारी तपकरा एवं तपकरा-2 में आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण माह एवं पोषण मेले का हुआ आयोजन

रजत महोत्सव अंतर्गत कन्या महाविद्यालय में छात्राओं को बाल सुरक्षा पर दी गयी जानकारी तपकरा एवं तपकरा-2 में आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण माह एवं पोषण मेले का हुआ आयोजन

September 11, 2025 0 By Ajeet Yadav
चंद्रभान यादव जशपुर। छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव अंतर्गत महिला बाल विकास विभाग द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिसके अंतर्गत गम्हरिया सेक्टर के आंगनबाडी केन्द्र तपकरा (जशपुर) में पोषण माह का आयोजन किया गया। जिसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा उपस्थित माता-पिता एवं बच्चो क व्यक्तिगत स्वच्छता, खानपान, एनीमिया मुक्त भारत अभियान के संबंध में जानकारी देने के साथ नोनी सुरक्षा योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गयी। जिन बच्चों के आधार कार्ड नहीं बने है या ऐसी गर्भवती माताएं जिनका आधार कार्ड अपडेट नहीं हुआ है उन्हें आधार निर्माण एवं अपडेट करवाने की जानकारी दी गयी।
इसी प्रकार जशपुरनगर में स्थित शासकीय विजय भूषण सिंह देव कन्या महाविद्यालय में महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसके अंतर्गत छात्राओं को कानूनी अधिनियम जैसे घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम 2013, छत्तीसगढ़ टोनही प्रताड़ना अधिनियम 2005, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मानव तस्करी, बाल विवाह रोकथाम, सखी वनस्टॉप सेंटर, महिला हेल्प लाइन नंबर 181 की जानकरी दी गई। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक व संरक्षण अधिकारी शिखा शर्मा तथा सखी वन स्टॉप सेंटर के सेवा प्रदाता व केंद्र प्रशासक उपस्थित रहे।
एकीकृत बाल विकास परियोजना तपकरा -2 के सेक्टर तपकरा के अंतर्गत आने वाले समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों में छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव कार्यक्रम के तहत पोषण मेला का आयोजन किया गया। पोषण मेला कार्यक्रम में गर्भवती एवं शिशुवती माताओं, 6 माह से 6 वर्ष के बच्चों एवं उनके अभिभावकों एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित हुए। उपस्थित लोगों पौष्टिक भोजन, स्वच्छता, एनीमिया रोकथाम, डायरिया प्रबंधन, स्वच्छ पेयजल, शौचालय का उपयोग करने, रेडी टू ईट के विभिन्न व्यंजन बनाने की जानकारी दी गई। इसके साथ ही समस्त विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए माताओं, किशोरी बालिकाओं एवं बच्चों का वजन एवं ऊंचाई का मापन किया गया।