किसानों की मेहनत और नए अन्न को सम्मान समर्पित पर्व : गरियाबंद में नुआखाई की धूम

किसानों की मेहनत और नए अन्न को सम्मान समर्पित पर्व : गरियाबंद में नुआखाई की धूम

August 29, 2025 0 By Ajeet Yadav

राजीव लोचन गरियाबंद।। जिले के देवभोग, अमलीपदर और गोहरापदर अंचल सहित ओड़िशा से लगे सीमावर्ती गांवों में आज नुआखाई पर्व पूरे हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर जिला प्रशासन ने भी स्थानीय अवकाश घोषित किया है।

नुआखाई पर्व किसानों की मेहनत और नए अन्न के प्रति आभार व सम्मान का प्रतीक माना जाता है। परंपरा के अनुसार सबसे पहले भगवान को नए धान का भोग अर्पित किया जाता है। इसके बाद परिवारजन एक साथ बैठकर नवान्न (नए चावल से बने भोजन) का सेवन करते हैं। माना जाता है कि भगवान को भोग अर्पण किए बिना नए अन्न का उपयोग व सेवन वर्जित है। इसी प्रथा को नुआखाई कहा जाता है।

इस पर्व का सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व भी गहरा है। छोटे-बड़े सभी मिलकर एक-दूसरे को प्रणाम कर आशीर्वाद लेते हैं। लोग नए वस्त्र धारण कर देव-देवियों के दर्शन करते हैं और ग्राम देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। किसानों का मानना है कि धान केवल अन्न ही नहीं, बल्कि लक्ष्मी स्वरूप है। इसी कारण यह पर्व उनकी उपज और अन्न को सम्मान देने का माध्यम बनता है।

पिछले एक सप्ताह से ही बाजारों में जबरदस्त रौनक देखने को मिली। मिठाइयों, नए कपड़ों और पूजा सामग्री की खरीदी से बाजार गुलजार रहे। पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने फ्लैग मार्च निकालकर शांति व्यवस्था बनाए रखने का संदेश भी दिया।

नुआखाई पर्व न केवल किसानों की मेहनत का सम्मान है बल्कि यह आपसी सद्भावना, प्रेम और समाज में एकता का संदेश भी देता है। यही कारण है कि इसे क्षेत्र का सबसे बड़ा और खास त्यौहार माना जाता है।

सुजाता पंडा,मथुरा
कु. राधा