प्रभारी सचिव जिलों का दौरा कर स्थिति पर नजर रखें” दक्षिण कोरिया से मुख्यमंत्री का निर्देश, बस्तर में बाढ़ के हालात की समीक्षा की…सीएम बोले, इस प्राकृतिक आपदा से…
August 29, 2025
रायपुर। दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित जिलों की स्थिति की समीक्षा की। इस बैठक में बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा के कलेक्टर एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ से प्रभावित प्रत्येक परिवार तक शीघ्र मदद पहुँचनी चाहिए और किसी भी परिवार को असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को आवश्यक सामग्री, क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत हेतु सामान और राहत राशि का तत्काल वितरण किया जाए। इसके साथ ही प्रभावित गांवों में सड़क संपर्क और बिजली आपूर्ति को प्राथमिकता के आधार पर बहाल किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि राहत और पुनर्वास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रभावित परिवारों को भोजन, स्वच्छ पेयजल और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन को चाहिए कि प्रभावित गांवों में नियमित रूप से शिविर लगाकर लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करे।
बाढ़ प्रभावित जिलों के प्रभारी सचिवों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे स्वयं अपने-अपने जिलों का दौरा कर राहत कार्यों की निगरानी करें। इससे प्रशासनिक स्तर पर राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी आएगी और जमीनी हकीकत से शासन को सीधी जानकारी मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, “मेरी प्राथमिकता है कि हर प्रभावित परिवार तक समय पर मदद पहुँचे और किसी को कोई तकलीफ़ न हो। प्रदेश की जनता को मैं आश्वस्त करता हूँ कि राज्य सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है। हम सभी मिलकर राहत और पुनर्वास कार्य को मजबूती से आगे बढ़ाएँगे और शीघ्र ही बस्तर को इस प्राकृतिक आपदा से उबारकर विकास की नई दिशा देंगे।”
सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि जिन परिवारों के घर बाढ़ से पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, उन्हें पुनर्निर्माण हेतु विशेष सहायता दी जाएगी। वहीं, आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए मरम्मत सामग्री एवं वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
स्थानीय प्रशासन ने बताया कि राहत शिविरों में भोजन, दवा और आवश्यक सामग्री का पर्याप्त भंडारण किया गया है। बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में सड़क संपर्क बहाल करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य जारी है। बिजली व्यवस्था को भी तेजी से सुधारने के प्रयास हो रहे हैं ताकि ग्रामीणों को और कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
इस प्रकार, राज्य सरकार और प्रशासनिक अमला संयुक्त रूप से यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि बस्तर संभाग के लोग जल्द से जल्द सामान्य जीवन की ओर लौट सकें।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ से प्रभावित प्रत्येक परिवार तक शीघ्र मदद पहुँचनी चाहिए और किसी भी परिवार को असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को आवश्यक सामग्री, क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत हेतु सामान और राहत राशि का तत्काल वितरण किया जाए। इसके साथ ही प्रभावित गांवों में सड़क संपर्क और बिजली आपूर्ति को प्राथमिकता के आधार पर बहाल किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि राहत और पुनर्वास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रभावित परिवारों को भोजन, स्वच्छ पेयजल और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन को चाहिए कि प्रभावित गांवों में नियमित रूप से शिविर लगाकर लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करे।
बाढ़ प्रभावित जिलों के प्रभारी सचिवों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे स्वयं अपने-अपने जिलों का दौरा कर राहत कार्यों की निगरानी करें। इससे प्रशासनिक स्तर पर राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी आएगी और जमीनी हकीकत से शासन को सीधी जानकारी मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, “मेरी प्राथमिकता है कि हर प्रभावित परिवार तक समय पर मदद पहुँचे और किसी को कोई तकलीफ़ न हो। प्रदेश की जनता को मैं आश्वस्त करता हूँ कि राज्य सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है। हम सभी मिलकर राहत और पुनर्वास कार्य को मजबूती से आगे बढ़ाएँगे और शीघ्र ही बस्तर को इस प्राकृतिक आपदा से उबारकर विकास की नई दिशा देंगे।”
सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि जिन परिवारों के घर बाढ़ से पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, उन्हें पुनर्निर्माण हेतु विशेष सहायता दी जाएगी। वहीं, आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए मरम्मत सामग्री एवं वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
स्थानीय प्रशासन ने बताया कि राहत शिविरों में भोजन, दवा और आवश्यक सामग्री का पर्याप्त भंडारण किया गया है। बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में सड़क संपर्क बहाल करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य जारी है। बिजली व्यवस्था को भी तेजी से सुधारने के प्रयास हो रहे हैं ताकि ग्रामीणों को और कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
इस प्रकार, राज्य सरकार और प्रशासनिक अमला संयुक्त रूप से यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि बस्तर संभाग के लोग जल्द से जल्द सामान्य जीवन की ओर लौट सकें।



