करोड़ों के भ्रष्टाचार की सारी फाइले गायब, लेकिन दो साल बाद भी दस्तावेज चोरी की FIR पुलिस में दर्ज नही ! आखिर किसे बचाना चाह रहे अफसर
August 16, 2025
कोरबा। छत्तीसगढ़ में सरकार भले ही जीरों टाॅलरेंस का दावा करती हो, लेकिन जमीन पर ऐसा होता नजर नही आ रहा है। जीं हां कुछ ऐसा ही मामला कोरबा जिले के आदिवासी विकास विभाग से जुड़ा है। यहां आदिवासी बच्चों के उत्थान के लिए केंद्र सरकार से मिले करोड़ों रूपये पर पहले तो जवाबदार अफसरों ने सेंध लगा दी, फिर इस भ्रष्टाचार के सारे दस्तावेज कार्यालय से गायब करा दिये। लेकिन इस पूरे मामले में शिकायत के दो साल बाद भी विभाग के अफसरों ने आफिस से महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब होने की शिकायत पुलिस में दर्ज कराना जरूरी नही समझा। अब जब केंद्र से इस पूरे मामले में जानकारी मांगी जा रही है, तब आनन फानन में भ्रष्टाचार में लिप्त ठेकेदार और डाटा एंट्री आपरेटर के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराया गया है, जबकि भ्रष्टाचार में लिप्त अफसरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए सचिव को पत्र लिखा गया है।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ का कोरबा जिला भ्रष्टाचार के मामले को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहता है। फिर चाहे मामला कोयला परिवहन में लेवी का हो, डीएमएफ फंड में भ्रष्टाचार का हो या फिर आदिवासी बच्चों के हक पर डाका डालने का…..भ्रष्टाचार के तार कोरबा से जुड़ ही जाते है। भ्रष्टाचार का कुछ ऐसा ही मामला पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में आदिवासी विकास विभाग में किया गया। केंद्र सरकार द्वारा आदिवासी विकास विभाग को संविधान के अनुच्छेद 275(1) के तहत वर्ष 2021-22 में 6 करोड़ रूपये का आबंटन किया गया था। वर्ष 2023 में मिले इस फंड पर तत्कालीन सहायक आयुक्त माया वारियर और उनके अधिनस्थ अफसरों ने सेंध लगा दी।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ का कोरबा जिला भ्रष्टाचार के मामले को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहता है। फिर चाहे मामला कोयला परिवहन में लेवी का हो, डीएमएफ फंड में भ्रष्टाचार का हो या फिर आदिवासी बच्चों के हक पर डाका डालने का…..भ्रष्टाचार के तार कोरबा से जुड़ ही जाते है। भ्रष्टाचार का कुछ ऐसा ही मामला पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में आदिवासी विकास विभाग में किया गया। केंद्र सरकार द्वारा आदिवासी विकास विभाग को संविधान के अनुच्छेद 275(1) के तहत वर्ष 2021-22 में 6 करोड़ रूपये का आबंटन किया गया था। वर्ष 2023 में मिले इस फंड पर तत्कालीन सहायक आयुक्त माया वारियर और उनके अधिनस्थ अफसरों ने सेंध लगा दी।



