कैबिनेट की बैठक शुरू: साय कैबिनेट में आज लगेंगे कई फैसलों पर मुहर, दर्जन भर एजेंडों पर हो रही चर्चा
July 30, 2025
अजित यादव छत्तीसगढ़। राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज कैबिनेट बैठक शुरू हो गई है। इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के किसानों से जुड़ी कई अहम योजनाओं और निर्णयों पर चर्चा की जा रही है। विशेष रूप से खरीफ सीजन के मद्देनज़र खाद-बीज की उपलब्धता और मानसून की स्थिति पर विचार किया जा रहा है।
बैठक में धान खरीदी नीति को मंजूरी मिलने की पूरी संभावना जताई जा रही है। हर साल की तरह इस वर्ष भी राज्य सरकार समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी को लेकर नीतिगत दिशा तय करेगी। इसके लिए खरीदी केंद्रों की संख्या, बारदाने की व्यवस्था और भुगतान की प्रक्रिया जैसे विषयों पर विचार किया जा रहा है।
रजत जयंती समारोह की तैयारियों पर भी नजर
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर प्रस्तावित रजत जयंती वर्ष के आयोजन को लेकर भी बैठक में अहम चर्चा हो सकती है। इस अवसर को भव्य और जनसामान्य से जुड़ा बनाने के लिए कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की जा सकती है।
कृषि सीजन पर फोकस
कैबिनेट की यह बैठक किसानों के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। मानसून की सक्रियता के साथ ही राज्य में खेती-किसानी का दौर शुरू हो चुका है। ऐसे में सरकार खाद-बीज की आपूर्ति, सिंचाई सुविधा, बिजली उपलब्धता और कृषि यंत्रों की सहायता जैसे कई विषयों पर ठोस निर्णय ले सकती है। साथ ही सूखा प्रभावित संभावित क्षेत्रों में पूर्व तैयारी के निर्देश भी जारी हो सकते हैं।
बैठक में धान खरीदी नीति को मंजूरी मिलने की पूरी संभावना जताई जा रही है। हर साल की तरह इस वर्ष भी राज्य सरकार समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी को लेकर नीतिगत दिशा तय करेगी। इसके लिए खरीदी केंद्रों की संख्या, बारदाने की व्यवस्था और भुगतान की प्रक्रिया जैसे विषयों पर विचार किया जा रहा है।
रजत जयंती समारोह की तैयारियों पर भी नजर
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर प्रस्तावित रजत जयंती वर्ष के आयोजन को लेकर भी बैठक में अहम चर्चा हो सकती है। इस अवसर को भव्य और जनसामान्य से जुड़ा बनाने के लिए कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की जा सकती है।
कृषि सीजन पर फोकस
कैबिनेट की यह बैठक किसानों के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। मानसून की सक्रियता के साथ ही राज्य में खेती-किसानी का दौर शुरू हो चुका है। ऐसे में सरकार खाद-बीज की आपूर्ति, सिंचाई सुविधा, बिजली उपलब्धता और कृषि यंत्रों की सहायता जैसे कई विषयों पर ठोस निर्णय ले सकती है। साथ ही सूखा प्रभावित संभावित क्षेत्रों में पूर्व तैयारी के निर्देश भी जारी हो सकते हैं।



