डीएपी पायलट के घर बनती है क्या? भेज दीजिये यूक्रेन….” मंत्री रामविचार नेताम का कटाक्ष, खाद संकट पर कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने
June 25, 2025
बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ में खाद संकट को लेकर सियासत गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट के राज्य दौरे और उनके बयान पर राज्य के मंत्री रामविचार नेताम ने तीखा पलटवार करते हुए कहा, “क्या सचिन पायलट के घर में डीएपी बनती है?”
दरअसल, सचिन पायलट ने अपने दौरे के दौरान कहा था कि “प्रदेश में डीएपी खाद की भारी किल्लत है, जिससे किसान बेहाल हैं। सरकार मदद नहीं कर पा रही, और भाजपा ने किसानों की ओर से मुंह फेर लिया है।”
इसके जवाब में मंत्री नेताम ने व्यंग्य के तीखे बाण चलाते हुए कहा:
“डीएपी यूक्रेन से आता है। अगर इतनी चिंता है तो पायलट साहब खुद ही जहाज लेकर यूक्रेन चले जाएं और डीएपी भरकर ले आएं।”
मंत्री ने माना – राज्य में है डीएपी की कमी
बातों-बातों में मंत्री नेताम ने यह भी स्वीकार कर लिया कि राज्य में डीएपी खाद की कमी वाकई मौजूद है, लेकिन इसे लेकर कांग्रेस नेताओं की बयानबाजी को उन्होंने राजनीतिक नौटंकी करार दिया।
सचिन पायलट का वार – “किसानों को तरसना पड़ रहा खाद के लिए”
छत्तीसगढ़ में दौरे पर आए कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने प्रदेश की भाजपा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा था:
“किसानों की सबसे बड़ी समस्या खाद की है। डीएपी नहीं मिलने से वे परेशान हैं। राज्य की डबल इंजन सरकार पूरी तरह फेल है। भाजपा किसानों के मुद्दों से मुंह मोड़ चुकी है।”
“खाद पर खिंची सियासी लकीर, किसान अब भी इंतज़ार में!”
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच असली सवाल यह है कि किसानों को समय पर खाद कब मिलेगी?
राज्य में खेती का सीजन नज़दीक है और किसान हर दिन डीएपी के इंतज़ार में सरकारी गोदामों की ओर निहार रहे हैं। सरकार और विपक्ष के बीच जारी तकरार के बीच खेत सूख रहे हैं और उम्मीदें बिखर रही हैं।
दरअसल, सचिन पायलट ने अपने दौरे के दौरान कहा था कि “प्रदेश में डीएपी खाद की भारी किल्लत है, जिससे किसान बेहाल हैं। सरकार मदद नहीं कर पा रही, और भाजपा ने किसानों की ओर से मुंह फेर लिया है।”
इसके जवाब में मंत्री नेताम ने व्यंग्य के तीखे बाण चलाते हुए कहा:
“डीएपी यूक्रेन से आता है। अगर इतनी चिंता है तो पायलट साहब खुद ही जहाज लेकर यूक्रेन चले जाएं और डीएपी भरकर ले आएं।”
मंत्री ने माना – राज्य में है डीएपी की कमी
बातों-बातों में मंत्री नेताम ने यह भी स्वीकार कर लिया कि राज्य में डीएपी खाद की कमी वाकई मौजूद है, लेकिन इसे लेकर कांग्रेस नेताओं की बयानबाजी को उन्होंने राजनीतिक नौटंकी करार दिया।
सचिन पायलट का वार – “किसानों को तरसना पड़ रहा खाद के लिए”
छत्तीसगढ़ में दौरे पर आए कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने प्रदेश की भाजपा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा था:
“किसानों की सबसे बड़ी समस्या खाद की है। डीएपी नहीं मिलने से वे परेशान हैं। राज्य की डबल इंजन सरकार पूरी तरह फेल है। भाजपा किसानों के मुद्दों से मुंह मोड़ चुकी है।”
“खाद पर खिंची सियासी लकीर, किसान अब भी इंतज़ार में!”
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच असली सवाल यह है कि किसानों को समय पर खाद कब मिलेगी?
राज्य में खेती का सीजन नज़दीक है और किसान हर दिन डीएपी के इंतज़ार में सरकारी गोदामों की ओर निहार रहे हैं। सरकार और विपक्ष के बीच जारी तकरार के बीच खेत सूख रहे हैं और उम्मीदें बिखर रही हैं।



