मवेशियों का चारागाह बना बसदेेई धान खरीदी केन्द्र   समिति प्रबंधक ने अपने भाई को सौंपा नाप तौल एवं खरीदी की जिम्मेदारी

मवेशियों का चारागाह बना बसदेेई धान खरीदी केन्द्र समिति प्रबंधक ने अपने भाई को सौंपा नाप तौल एवं खरीदी की जिम्मेदारी

January 24, 2026 0 By Ajeet Yadav
समिति में किसानों को समय पर नहीं मिल रहा सुविधाओं का लाभ

सवांददाता रोहित यादव

सूरजपुर – दो सप्ताह पहले कवर्धा जिले से करोड़ों रूपए के धान को चूहे, दीमक और कीड़े द्वारा खा जाने की खबर से जहां पूरे प्रदेश में सनसनी फैल गई थी वहीं सूरजपुर जिले के एक धान खरीदी केन्द्र से एक बड़ी लापरवाही निकलकर सामने आ रही है l

दरअसल पूरा मामला सूरजपुर जिले के बसदेई धान खरीदी केन्द्र का है जहां छल्ली लगे धान की बोरियों पर चढ़कर गाय द्वारा धान को खाते हुए देखा गया l

*समिति प्रबंधक नदारद ,रिश्तेदार कर रहे देखरेख*

सूत्रों ने बताया कि धान खरीदी के दिनों में समिति प्रबंधक प्रायः अपने करीबी रिश्तेदारों को समिति की जिम्मेदारी देकर फुर्सत से अपने कामों में व्यस्त रहते हैं l ऐसे में समिति में आने वाले किसानों को समस्याओं का सामना करना लाजमी है l

ऐसे में सवाल उठता है कि धान खरीदी कार्यों में यदि कोई गड़बड़ी होती है या फिर किसानों को समस्याओं का सामना करना पड़ेगा तो उसके लिए आखिर जिम्मेदार कौन होगा ? हालांकि इन दिनों समितियों में संबंधित अधिकारियों द्वारा ताबड़तोड़ जांच जारी है l जांच के बाद खरीदी में होने वाली गड़बड़ी की खबरें तो अखबारों में आयदिन प्रकाशित होती हैं लेकिन समिति में प्रबंधकों के रिश्तेदारों की गिनती कभी नहीं होती जो अपने आप में कई सवाल खड़े करता है l

*चूहों के बाद अब गाय की बारी , क्या यही है समिति की तैयारी?*

बीते दिनों कवर्धा जिले से लगभग 7 करोड़ रुपए के धान को चूहे, दीमक और कीड़ों द्वारा खा लिए जाने का मामला आज भी चर्चा का विषय बना हुआ है l कुछ ऐसा ही मामला सूरजपुर जिले के बसदेई धान खरीदी केन्द्र में देखने को मिला l जहां चूहा तो नहीं लेकिन यहां धान को गाय खाते देखा गया l ऐसे में समिति प्रबंधक की बड़ी लापरवाही मानी जा रही है l

*प्रबंधक ने भाई को सौंपी है नाप – तौल और खरीदी की जिम्मेदारी*
सूत्रों ने बताया बताया कि प्रबंधक ने अपने भाई को केन्द्र में होने वाली खरीदी, और नाप तौल की जिम्मेदारी सौंप दिया है l ऐसे में सवाल उठता है कि प्रबंधक द्वारा जिसे जिम्मेदारी दी गई है क्या वह समिति में किसी पद पर है ? क्या लिखित रूप में उसकी जानकारी संबंधित विभाग को दिया गया है ? यदि हां तो ठीक , यदि नहीं तो इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए l
अब देखना यह है ये खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही होगी या फिर मामला दबा का दबा रह जाएगा l