राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना: जिले के 10 कृषक भ्रमण के लिए पहुंचे जमशेदपुर झारखण्ड 35 वीं वार्षिक पुष्प प्रदर्शन का किए अवलोकन उद्यानिकी कार्य को वैज्ञानिक तरीके से करने की मिलती प्रेरणा
December 29, 2025
जशपुर :- राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना अंतर्गत जशपुर जिले के कुल 10 कृषकों का दल उद्यानिकी विभाग के कर्मचारियों के साथ भ्रमण हेतु 28 दिसम्बर को जमशेदपुर (झारखण्ड) पहुंचा। इस भ्रमण का उद्देश्य कृषकों को आधुनिक तकनीकों, उन्नत पद्धतियों, पुष्प प्रदर्शनी में बोन्साई बनाना, टोपियरी बनाना, गार्डन, छत पर गार्डनिंग इत्यादि एवं नवाचार पुष्प फसलों की जानकारी प्रदान करना रहा।
जमशेदपुर (झारखण्ड) प्रवास के दौरान कृषकों को जमशेदपुर के गोपाल मैदान में 28 दिसंबर से 1 जनवरी तक हो रहे 35 वीं वार्षिक पुष्प प्रदर्शन का भ्रमण कराया गया। कार्यक्रम में पुष्प फसलों की जीवंत प्रदर्शनी का निरीक्षण किया गया। किसानों ने आधुनिक तकनीकों को प्रत्यक्ष देखकर काफी उत्साह जताया एवं कहा कि इस प्रकार के भ्रमण कार्यक्रमों से उन्हें उद्यानिकी कार्य को वैज्ञानिक तरीके से करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने बताया कि यहाँ सीखी गई तकनीकों को वे अपने घर लौटकर अपने प्रक्षेत्र पर अपनाएंगे जिससे उत्पादन में वृद्धि होगी और आय में सुधार आएगा। इस अवसर पर उद्यान विभाग के कर्मचारियों द्वारा किसानों को योजनाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी देकर लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया। विभाग का उद्देश्य है कि जिले के कृषकों को आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ की जाए।
जमशेदपुर (झारखण्ड) प्रवास के दौरान कृषकों को जमशेदपुर के गोपाल मैदान में 28 दिसंबर से 1 जनवरी तक हो रहे 35 वीं वार्षिक पुष्प प्रदर्शन का भ्रमण कराया गया। कार्यक्रम में पुष्प फसलों की जीवंत प्रदर्शनी का निरीक्षण किया गया। किसानों ने आधुनिक तकनीकों को प्रत्यक्ष देखकर काफी उत्साह जताया एवं कहा कि इस प्रकार के भ्रमण कार्यक्रमों से उन्हें उद्यानिकी कार्य को वैज्ञानिक तरीके से करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने बताया कि यहाँ सीखी गई तकनीकों को वे अपने घर लौटकर अपने प्रक्षेत्र पर अपनाएंगे जिससे उत्पादन में वृद्धि होगी और आय में सुधार आएगा। इस अवसर पर उद्यान विभाग के कर्मचारियों द्वारा किसानों को योजनाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी देकर लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया। विभाग का उद्देश्य है कि जिले के कृषकों को आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ की जाए।



