रायपुर संभाग की जिम्मेदारी रीयल माज़ोन इंडिया लिमिटेड के पास है, जहाँ लगभग 13,19,678 वाहनों में HSRP लगाए जाने थे। इनमें से अब तक केवल 3,58,833 वाहनों के लिए ही ऑर्डर हुए प्रप्त
December 24, 2025
राज्य में लगभग 50 लाख वाहनों में HSRP (हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट) लगाए जाने थे, जो 1 अप्रैल 2025 से पूर्व पंजीकृत वाहनों के लिए अनिवार्य थी। इस कार्य के लिए दो कंपनियों—रीयल माज़ोन इंडिया लिमिटेड एवं रोसमेरटा सेफ्टी प्राइवेट लिमिटेड—को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। वर्ष 2021 के अनुसार, दोनों कंपनियों को 14-14 जिलों का आवंटन किया गया था।
रायपुर संभाग की जिम्मेदारी रीयल माज़ोन इंडिया लिमिटेड के पास है, जहाँ लगभग 13,19,678 वाहनों में HSRP लगाए जाने थे। इनमें से अब तक केवल 3,58,833 वाहनों के लिए ही ऑर्डर प्राप्त हुए हैं, तथा मात्र 2,87,821 वाहनों में ही HSRP स्थापित की जा सकी है। परिणामस्वरूप, लगभग 9,60,845 वाहनों में अब भी HSRP लगाया जाना शेष है।
HSRP लगाने का यह कार्य लगभग एक वर्ष से अधिक समय से प्रगति पर है, इसके बावजूद रायपुर संभाग में अभी भी 9,60,845 वाहन ऐसे हैं जिनमें HSRP नहीं लग पाई है। इससे यह प्रतीत होता है कि या तो आम जनता में पर्याप्त जागरूकता का अभाव है, अथवा प्रशासन एवं संबंधित कंपनी की इस विषय में रुचि या सक्रियता में कमी रह गई है।
जब रीयल माज़ोन इंडिया लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि एवं छत्तीसगढ़ राज्य प्रमुख, आशीष मिश्रा से इस विषय में पूछा गया, तो उन्होंने कहा:
“हमारी ओर से तथा प्रशासन की ओर से आम जनता में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं, किंतु अपेक्षित परिणाम प्राप्त नहीं हो पा रहे हैं। जहाँ तक समय-सीमा का प्रश्न है, अन्य राज्यों में मोबाइल नंबर अपडेट करना अनिवार्य नहीं था, जबकि छत्तीसगढ़ में यह अनिवार्य किया गया है। इसी कारण कार्य की प्रगति में धीमापन आया है।
आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए हमने कंपनी-संचालित केंद्र न केवल जिला स्तर पर, बल्कि तहसील एवं नगर पंचायत स्तर तक भी स्थापित किए हैं। किंतु जिस प्रकार ऑर्डर की संख्या में लगातार गिरावट आ रही है, उसके चलते इन केंद्रों का संचालन करना कठिन होता जा रहा है और कई केंद्र बंद होने की कगार पर पहुँच गए हैं।
वर्तमान में परिवहन विभाग, पुलिस विभाग एवं यातायात विभाग—इन तीनों को संयुक्त रूप से अभियान चलाना होगा, तभी HSRP परियोजना को शीघ्र पूर्ण किया जा सकता है।”
रायपुर संभाग की जिम्मेदारी रीयल माज़ोन इंडिया लिमिटेड के पास है, जहाँ लगभग 13,19,678 वाहनों में HSRP लगाए जाने थे। इनमें से अब तक केवल 3,58,833 वाहनों के लिए ही ऑर्डर प्राप्त हुए हैं, तथा मात्र 2,87,821 वाहनों में ही HSRP स्थापित की जा सकी है। परिणामस्वरूप, लगभग 9,60,845 वाहनों में अब भी HSRP लगाया जाना शेष है।
HSRP लगाने का यह कार्य लगभग एक वर्ष से अधिक समय से प्रगति पर है, इसके बावजूद रायपुर संभाग में अभी भी 9,60,845 वाहन ऐसे हैं जिनमें HSRP नहीं लग पाई है। इससे यह प्रतीत होता है कि या तो आम जनता में पर्याप्त जागरूकता का अभाव है, अथवा प्रशासन एवं संबंधित कंपनी की इस विषय में रुचि या सक्रियता में कमी रह गई है।
जब रीयल माज़ोन इंडिया लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि एवं छत्तीसगढ़ राज्य प्रमुख, आशीष मिश्रा से इस विषय में पूछा गया, तो उन्होंने कहा:
“हमारी ओर से तथा प्रशासन की ओर से आम जनता में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं, किंतु अपेक्षित परिणाम प्राप्त नहीं हो पा रहे हैं। जहाँ तक समय-सीमा का प्रश्न है, अन्य राज्यों में मोबाइल नंबर अपडेट करना अनिवार्य नहीं था, जबकि छत्तीसगढ़ में यह अनिवार्य किया गया है। इसी कारण कार्य की प्रगति में धीमापन आया है।
आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए हमने कंपनी-संचालित केंद्र न केवल जिला स्तर पर, बल्कि तहसील एवं नगर पंचायत स्तर तक भी स्थापित किए हैं। किंतु जिस प्रकार ऑर्डर की संख्या में लगातार गिरावट आ रही है, उसके चलते इन केंद्रों का संचालन करना कठिन होता जा रहा है और कई केंद्र बंद होने की कगार पर पहुँच गए हैं।
वर्तमान में परिवहन विभाग, पुलिस विभाग एवं यातायात विभाग—इन तीनों को संयुक्त रूप से अभियान चलाना होगा, तभी HSRP परियोजना को शीघ्र पूर्ण किया जा सकता है।”



