सूरजपुर प्रेमनगर तहसील में भ्रष्टाचार का खुला खेल…प्रशासन मौन…सिस्टम की चुप्पी पर उठे सवाल…

सूरजपुर प्रेमनगर तहसील में भ्रष्टाचार का खुला खेल…प्रशासन मौन…सिस्टम की चुप्पी पर उठे सवाल…

December 14, 2025 0 By Ajeet Yadav
पटवारी अशोक ठाकुर पर गंभीर आरोप…शिकायतें गायब कराने से लेकर अवैध वसूली तक पूरा तंत्र कटघरे में…

सूरजपुर। प्रेमनगर तहसील में भ्रष्टाचार का खुल जा सिम-सिम वाला माहौल अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बन गया है जहां पटवारी अशोक ठाकुर पर लग रहे आरोप केवल एक कर्मचारी की करतूत नहीं बल्कि पूरे राजस्व तंत्र की नाकामी का आईना बनकर सामने आ रहे हैं। ग्रामीणों की शिकायतों के ढेर और फाइलों में दबी चीखों के बावजूद प्रशासन की मेहरबानी ऐसी ढाल साबित हो रही है जिसने एक दागी कर्मचारी को अभयदान सा दे दिया है। अंबिकापुर और सूरजपुर के बीच यह मुद्दा केवल भ्रष्टाचार तक सीमित नहीं रहा बल्कि उस चुप्पी और मिलीभगत को उजागर करता है जो कानून पर करेंसी की आवाज को भारी बना देती है। शिकायतें बार बार दी गईं पावती भी मिली लेकिन जैसे कोई अदृश्य हाथ हर बार इन शिकायतों को रद्दी की टोकरी में फेंक देता हो और ग्रामीण न्याय की उम्मीद में दर दर भटकते रह जाते हों। इसी गहरी सड़ांध में अब हमर उत्थान सेवा समिति कूद पड़ी है और समिति के अध्यक्ष चन्द्र प्रकाश साहू ने आयुक्त सरगुजा को भेजे अपने पत्र में साफ लिखा है कि अब केवल सर्जिकल स्ट्राइक जैसी कठोर कार्रवाई ही इस मामले की गांठ खोल सकती है। ग्राम सारसताल विंध्याचल और बलदेवनगर के ग्रामीणों ने फरवरी 2024 में जो सामूहिक शिकायत दी थी उसमें साफ लिखा था कि पटवारी हल्का छोड़कर महीनों गायब रहते हैं किसानों को नामांतरण सीमांकन और बंटवारा जैसे कार्यों के लिए बिना वजह दौड़ाया जाता है और जब तक दक्षिणा का ताप न चढ़े तब तक न फाइल चलती है न कलम। इससे भी बड़ा झटका तब लगा जब आरटीआई में एसडीएम रामानुजनगर कार्यालय ने यह कहते हुए जवाब दिया कि उनके पास ऐसी कोई शिकायत आई ही नहीं जबकि दर्जनों हस्ताक्षरों वाला पत्र ग्रामीणों के पास मौजूद है। इसने पूरे खेल को उजागर कर दिया कि शिकायत को किस मेज पर दबा दिया गया और किस फायदे के लिए गायब किया गया यह बताने को कोई भी तैयार नहीं। इससे साफ संदेश जाता है कि तहसील से एसडीएम कार्यालय तक कहीं न कहीं मजबूत गठजोड़ है जो एक भ्रष्ट कर्मचारी को बचाने के लिए सक्रिय है। पिछले महीनों में प्रेमनगर तहसील में लगभग सभी पद बदल दिए गए तहसीलदार बदले एसडीएम बदले बाबू बदले यहां तक कि चपरासी भी बदल दिया गया पर जो नहीं बदला वह था अशोक ठाकुर की कुर्सी से चिपकी पकड़। ग्रामीणों का दबाव बढ़ा तो हल्का जरूर बदला गया लेकिन नई जगह पहुंचते ही वही पुरानी दुकान फिर खुल गई और वसूली का सिलसिला चालू रहा जैसे किसी को कोई डर ही न हो। सवाल लगातार गहरा होता गया कि आखिर एक पटवारी के पीछे कैसी ताकत है जो प्रशासन को भी बेबस बना देती है और कार्रवाई से सब कतराते नजर आते हैं। यह मामला अब दाल में काला नहीं बल्कि पूरी दाल के काले होने जैसा हो गया है जिसे छिपाना संभव नहीं। हमर उत्थान सेवा समिति ने स्पष्ट कहा है कि भ्रष्टाचार के आरोपी पटवारी को तत्काल हटाकर विभागीय जांच शुरू की जाए फरवरी 2024 की गायब की गई सामूहिक शिकायत को मुख्य साक्ष्य माना जाए और उन अधिकारियों की भी जांच हो जिन्होंने शिकायत को महीनों दबा कर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि अब भी कार्रवाई नहीं हुई तो यह मानना पड़ेगा कि सिस्टम ने भ्रष्टाचारियों के आगे हथियार डाल दिए हैं और ग्रामीणों का विश्वास टूट जाएगा। समिति ने यह भी दोहराया कि संघर्ष अब रुकेगा नहीं दोषियों पर गाज गिरने तक आवाज और बुलंद होती जाएगी। और यह मुद्दा अब किसी दफ्तर की दीवार में नहीं दफन होगा बल्कि जनता के बीच लगातार गूंजता रहेगा।