संवाददाता रोहित यादव
राज्य बाल संरक्षण समिति रायपुर के निर्देशानुसार जिले में कलेक्टर राजेन्द्र कटारा के मार्गदर्शन में बाल विवाह रोकथाम एवं जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से विभिन्न शासकीय व अशासकीय स्कूलों और कालेजों में जाकर बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के तहत शपथ दिलाई गई। साथ ही बाल विवाह निषेध अधिनियम एवं कानूनी प्रावधान के बारे में जानकारी दी गई कि कानून के अनुसार लड़कियों के विवाह के न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़के के विवाह की न्यूनतम आयु 21 वर्ष है। इससे कम आयु में विवाह करना या करवाना बाल विवाह माना जाता है और यह दण्डनीय अपराध है, साथ ही बाल विवाह के कारण बच्चों के मानसिक, शारीरिक विकास पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में बताया गया।
बाल विवाह मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने हेतु समाज के सभी वर्गों यथा पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों, नगरीय निकाय के प्रतिनिधियों, स्कूल और कालेज प्राचार्य, शिक्षक, छात्र-छात्रायें, एएनएम, मितानीन, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के पुलिसकर्मी, आंगनबाडी कार्यकर्ता, बाल देखरेख संस्थायें, आजिवीका मिशन, स्व सहायता समूह, स्वयं सेवी संगठन सक्रिय भागीदारी निभाई गई। सभी संस्थाओं में बाल विवाह मुक्त भारत बनाने हेतु बाल विवाह के विरूद्ध शपथ लिया गया। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा बाल विवाह की प्रभावी रोकथाम के लिए बाल विवाह मुक्त अभियान का शुभारंभ 27 नवम्बर 2024 को किया गया था और इस अभियान की पहली वर्षगांठ पर समस्त शैक्षणिक संस्थानों, ग्राम पंचायतों सहित अन्य स्थानों पर बाल विवाह के विरूद्ध शपथ लिया गया।