बाग बनी रहे तो फूल फिर खिलेंगे और जिंदगी बनी रहे तो हम फिर मिलेंगे

बाग बनी रहे तो फूल फिर खिलेंगे और जिंदगी बनी रहे तो हम फिर मिलेंगे

November 26, 2025 0 By Ajeet Yadav
हम विदा हो चले तो याद सबको आएगी लगता है ए ज़मीं ए आसमां हमें दुबारा जरूर लाएगी-स्वमी मधुसुदनचार्य

(शिवरीनारायण मठ मंदिर महोत्सव व
सीताराम विवाह उत्सव भक्ति भाव पूर्वक धूमधाम से सम्पन्न)

जितेन्द्र तिवारी जांजगीर चांपा

बिर्रा -धार्मिक एवं आध्यात्मिक नगरी शिवरीनारायण में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव, ज्ञान यज्ञ एवं संत सम्मेलन का आयोजन संपन्न हुआ प्रति वर्ष की भांति परम्परा अनुसार मठ मंदिर महोत्सव व श्री सीताराम विवाह उत्सव अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ।
इस दिव्य आयोजन में अयोध्या धाम के कथा व्यास आचार्य मधुसूदन आचार्य, शिवरीनारायण मठ के मठाधीश राजेश्री महंत महराज, पुजारी त्यागी महराज, मुख्तियार सुखराम दास तथा हजारों श्रद्धालु बाराती बनकर सम्मिलित हुए।
कथा व्यास मधुसूदन आचार्य ने कहा कि “शिवरीनारायण पवित्र धाम है जहाँ भगवान जगन्नाथ जी शबरी नारायण साक्षात विराजमान हैं। जिनकी छत्रछाया में यह नगर बसा है मिथिला की सीता मैया व छत्तीसगढ़ के राम का यह अलौकिक विवाह उत्सव भक्तों के लिए दुर्लभ संयोग है सभी श्रद्धालु भक्त अत्यंत सौभाग्यशाली है
नगरवासियों ने भगवान श्री सीताराम की भव्य बारात का आत्मीय स्वागत किया जगह–जगह आरती, पुष्पवर्षा,आतिशबाजी, जलपान एवं मिष्ठान की व्यवस्था स्थानीय नागरिक, व्यापारियों द्वारा किया गया संध्या बेला में अयोध्या के संगीतकारों द्वारा प्रस्तुत वैवाहिक गीत संगीत पारंपरिक गीतों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय कर दिया। उन्होंने कहा कि “बाग बनी रहे तो फूल फिर खिलेंगे और जिंदगी बनी रहे तो हम फिर मिलेंगे ,हम विदा हो चले तो याद सबको आएगी लगता है ए ज़मीं ए आसमां हमें दुबारा जरूर लाएगी” इन पंक्तियों का सभी श्रद्धालुओं ने करतल ध्वनि से आभार प्रकट किया। श्री सीताराम विवाहोत्सव में
सभी श्रद्धालु नाचते गाते झूमते रहे नगर “सीताराम जय-जय राम” के उद्घोष से गूंज उठा।
उक्त आयोजन में मठ मंदिर के न्यासी गण,साधु संत,साध्वी,श्रद्धालु आसपास के क्षेत्रवासी बढ़ चढ़ के सम्मिलित हुए और अपनी जीवन को कृतार्थ किए।