एकादशी उद्यापन विधि विधान से संपन्न -आचार्य विनोद गौरहा शास्त्री

एकादशी उद्यापन विधि विधान से संपन्न -आचार्य विनोद गौरहा शास्त्री

November 16, 2025 0 By Ajeet Yadav

जितेन्द्र तिवारी जांजगीर चांपा

बिर्रा – अपने जीवन में हर माह दो एकादशी व्रत विधि विधान से किए जाने की परम्परा है। और एकादशी व्रत का उद्यापन करने से व्रत के संपूर्ण फल की प्राप्ति करना हो तो आवश्यक रूप से एकादशी व्रत उद्यापन का दो दिवसीय पूजन देव आह्वान पूजा अर्चना करते हुए यज्ञ हवन पूर्णाहुति की विधि संपन्न कराये जाना बहुत जरुरी है। इस संबंध में आचार्य पं विनोद गौरहा शास्त्री पेंड्रावन (सरसीवां)ने बताया कि एकादशी व्रत के संपूर्ण फल की प्राप्ति के लिए प्रथम दिवस वेदी स्थापना,कलश स्थापना कर अखंड दीप प्रज्ज्वलित कर देव आह्वान किया जाता है और एकादशी व्रत की कथा सुनाई जाती है वहीं दुसरे दिन प्रातःकाल पूजन यज्ञ हवन पूर्णाहुति ब्राह्मण भोज के साथ जोड़ा में सौभाग्वती महिलाओं, ब्राह्मणों की पूजन कराया जाता है।यह आयोजन यजमान परिवार सौभाग्वती देवकी भैरोंलाल त्रिपाठी परिवार निज निवास में संपन्न हुआ।इस अवसर पर सौभाग्वती सुमन पूर्णचंद त्रिपाठी, राजेश त्रिपाठी, अखिलेश त्रिपाठी, सूर्यकांत गौरहा शास्त्री जी,गिरिजानंद गौरहा,रवि गौरहा शास्त्री जी सहित दिवाकर शर्मा नम्रता शर्मा अवनि सहित बड़ी संख्या में शुभचिंतक स्नेहीजन उपस्थित थे।