IG डांगी पर एक्शन: महिला उत्पीड़न मामले में फंसे आईजी डांगी हटाये गये, अजय यादव को पुलिस अकादमी का चार्ज

IG डांगी पर एक्शन: महिला उत्पीड़न मामले में फंसे आईजी डांगी हटाये गये, अजय यादव को पुलिस अकादमी का चार्ज

November 7, 2025 0 By Ajeet Yadav

रायपुर। महिला उत्पीड़न में फंसे आईजी रतनलाल डांगी पर बड़ा एक्शन हुआ है। आरोप पर 20 दिन बाद राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। उन्हें उनके पद से हटा दिया गया है। इसके साथ ही पुलिस अकादमी चंदखुरी का प्रभार आईपीएस अजय यादव को सौंपा गया है।गृह विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह कार्रवाई उस शिकायत के बाद की गई है, जिसमें एक एसआई की पत्नी और योग प्रशिक्षक महिला ने आईजी डांगी पर यौन उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायत पुलिस मुख्यालय में दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद मामला लगातार सुर्खियों में रहा।

जानिये क्या है पूरा मामला
पीड़िता ने 15 अक्टूबर को पुलिस मुख्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। महिला ने बताया कि वर्ष 2017 में कोरबा में मुलाकात के दौरान उनकी पहचान आईजी डांगी से हुई थी, जब वे एसपी के पद पर तैनात थे। प्रारंभिक बातचीत सोशल मीडिया के माध्यम से शुरू हुई और यही संपर्क धीरे-धीरे बढ़ता चला गया।शिकायत में महिला ने कहा कि दंतेवाड़ा में डांगी की पदस्थापना के दौरान वह उन्हें ऑनलाइन योग सिखाती थी। इसके बाद जब अधिकारी राजनांदगांव और सरगुजा में आईजी बने, तब कथित उत्पीड़न और बढ़ गया। महिला ने दावा किया कि बिलासपुर में पदस्थापना के दौरान आईजी डांगी उसे पत्नी की गैरमौजूदगी में सरकारी बंगले पर बुलाने का दबाव डालते थे और इंकार करने पर तबादले की धमकी देते थे।

महिला ने यह भी आरोप लगाया कि चंदखुरी पुलिस प्रशिक्षण अकादमी में डांगी के तबादले के बाद भी वे प्रतिदिन सुबह 5 बजे से रात 10 बजे तक वीडियो कॉल करने के लिए मजबूर करते थे। महिला ने कहा कि उसके पास कई डिजिटल साक्ष्य और आपत्तिजनक सामग्री मौजूद है, जिसे वह जांच टीम को उपलब्ध कराने को तैयार है।

जांच–आईजी आनंद छाबड़ा के पास जिम्मेदारी
गृह विभाग की प्रारंभिक कार्रवाई के बाद अब मामले की विस्तृत जांच जारी है। आईजी आनंद छाबड़ा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच टीम में महिला अफसरों को भी शामिल किया गया है।जांच अधिकारी पहले पीड़िता का बयान और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्य एकत्र करेंगे, उसके बाद डांगी का बयान दर्ज किया जाएगा। विभागीय सूत्रों के अनुसार, अभी यह तय नहीं है कि अंतिम जांच रिपोर्ट कब तक आएगी, लेकिन कार्रवाई चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाई जाएगी।

सरकार की सख्ती का संदेश
आईजी स्तर के अधिकारी पर लगे आरोपों के बाद त्वरित कार्रवाई को सरकार की “जीरो टॉलरेंस नीति” से जोड़कर देखा जा रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के बीच यह संदेश गया है कि रुतबे और पद के बावजूद किसी भी अधिकारी पर लगे गंभीर आरोपों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।मामले पर पूरे राज्य में चर्चा है और अब निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जिसके आधार पर आगामी कार्रवाई तय होगी।