दंतेवाड़ा की जघन्य वारदात पर आदिवासी युवा छात्र संगठन जिलाध्यक्ष ज्योति मरकाम का आक्रोश, दोषियों को फांसी की सजा की मांग

दंतेवाड़ा की जघन्य वारदात पर आदिवासी युवा छात्र संगठन जिलाध्यक्ष ज्योति मरकाम का आक्रोश, दोषियों को फांसी की सजा की मांग

October 6, 2025 0 By Ajeet Yadav
दंतेवाड़ा-

दंतेवाड़ा जिले के कुंदेली क्षेत्र में दंतेवाड़ा से लौट रही महिला के साथ हुई **दुष्कर्म और हत्या की दर्दनाक घटना** ने पूरे बस्तर संभाग को हिला कर रख दिया है। इस घटना को लेकर समाज में आक्रोश की लहर फैल गई है।
*आदिवासी युवा छात्र संगठन* ने इस कृत्य की **कटु शब्दों में निंदा** करते हुए दोषियों पर शीघ्र और कड़ी कार्यवाही की मांग की है।

आदिवासी युवा छात्र संगठन दंतेवाड़ा की *जिला अध्यक्ष ज्योति मरकाम* ने कहा कि यह घटना बस्तर की परंपरागत आदिवासी संस्कृति, मानवता और सामाजिक मर्यादा पर गहरा आघात है।
उन्होंने कहा — ऐसे हैवानों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाना चाहिए। प्रशासन तत्काल दोषियों को गिरफ्तार करे और फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से मुकदमे की सुनवाई कराकर *फांसी की सजा* सुनिश्चित करे। समाज में भय और कानून का सम्मान तभी बनेगा जब ऐसे अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी।”

ज्योति मरकाम ने आगे कहा कि इस प्रकार की घटनाएँ बस्तर की छवि को कलंकित करती हैं। बस्तर सदैव महिलाओं के सम्मान, संस्कृति और परंपरा के लिए जाना जाता है, लेकिन लगातार बढ़ती ऐसी घटनाएँ इस गरिमा को आघात पहुँचा रही हैं।

उन्होंने प्रशासन से यह भी मांग की कि पीड़िता के परिवार को *तत्काल आर्थिक मुआवजा, मानसिक सहयोग, और सुरक्षा* उपलब्ध कराई जाए।
साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस को जांच में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतनी चाहिए और *सभी आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया में लाया जाए।*

संगठन ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर शीघ्र कार्यवाही नहीं होती, तो संगठन जिला मुख्यालय से लेकर संभागीय स्तर तक *जन आंदोलन* करेगा।
संगठन ने समाज के सभी वर्गों से एकजुट होकर इस तरह की घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की है।

आदिवासी युवा छात्र संगठन ने यह भी कहा कि प्रशासन को महिलाओं की सुरक्षा के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में *जागरूकता अभियान* चलाना चाहिए, ताकि समाज में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

अंत में, ज्योति मरकाम ने कहा कि यह केवल एक महिला के साथ हुई वारदात नहीं है, बल्कि *मानवता के खिलाफ अपराध* है। इस घटना के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देकर ही पीड़िता की आत्मा को शांति और समाज को न्याय मिल सकता है।