फूलों की वर्षा और जयघोष के बीच संपन्न हुआ रूखमणी विवाह- पं. मिथलेश्वर दुबे
October 5, 2025जितेन्द्र तिवारी जांजगीर चांपा
बिर्रा- ग्राम सिलादेही में पटेल परिवार द्वारा स्व. पितांबर पटेल (सेवानिवृत्त शिक्षक) की पावन पुण्य स्मृति में संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। कथा के षष्ठ दिवस की


कथावाचक आचार्य पं. मिथलेश्वरानंद दुबे जी ने श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाह प्रसंग का रसपूर्ण और भावनात्मक वर्णन करते हुए बताया कि किस प्रकार विदर्भ की राजकुमारी रुक्मणी ने अपने हृदय में श्रीकृष्ण को ही जीवनसाथी रूप में स्वीकार किया।


आचार्य जी ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने रुक्मणी के इस प्रेम और समर्पण को स्वीकार करते हुए ससम्मान विवाह कर उन्हें अपने जीवन की अर्धांगिनी बनाया। कथा सुनाते समय जब विवाह प्रसंग आया तो पूरा पंडाल “जय श्रीकृष्ण – जय रुक्मणी” के गगनभेदी उद्घोष से गूंज उठा।
संगीतमय कथा के दौरान भजनों की मधुर ध्वनि और आचार्य जी के भावपूर्ण व्याख्यान से श्रद्धालु भक्तिभाव में झूम उठे।





