पुलिस जवान ने कालेज छात्रा के साथ की हैवानियत, शिकायत के बाद भी पुलिस ने दर्ज नही किया FIR, डरकर पढ़ाई छोड़ी, आईजी से शिकायत के बाद हुआ एक्शन
September 29, 2025
बलरामपुर। जिले में वर्दी को दागदार करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक कालेज छात्रा के साथ पुलिस कांस्टेबल ने बलात्कार की घटना को अंजाम दिया। पीड़िता ने जब इस घटना की जानकारी अपने रिश्तेदार पुलिसकर्मियों को बताई, तब आरोपी ने दोबारा ऐसी हरकत नहीं करने की कसम खाकर परिजनों को मना लिया। लेकिन इसके बाद आरोपी ने दोबारा छात्रा के साथ रेप की वारदात को अंजाम दिया गया। जिसके बाद पीड़ित छात्रा ने बलरामपुर पुलिस में इस मामले की शिकायत भी दर्ज करायी, लेकिन पुलिस ने छात्रा की रिपोर्ट दर्ज नही की।
जानकारी के मुताबिक ये पूरा घटनाक्रम बलरामपुर जिला के कोतवाली थाना क्षेत्र का है। बताया जा रहा है कि पीड़ित छात्रा मूलतः जशपुर जिला की रहने वाली है। वह बलरामपुर में अपने रिश्तेदार के घर पर रहकर कालेज की पढ़ाई कर रही थी। छात्रा के रिश्तेदार बलरामपुर में ही पुलिस विभाग में पदस्थ हैं। पीड़ित छात्रा ने बताया कि कालेज में पर्ढ़ा करने के दौरान ही उसका परिचयत परिचय बलरामपुर पुलिस लाइन के वाहन शाखा में पदस्थ आरक्षक सत्येंद्र पाठक से हो गया। 22 फरवरी 2025 को जब उसके रिश्तेदार ड्यूटी पर चले गए थे, तभी दोपहर में सत्येंद्र पाठक उसके घर पहुंचा और उसने छात्रा के साथ छेड़छाड़ कर रेप की घटना को अंजाम दिया।
दोबारा गलती नही करने की कसम खाकर…फिर किया रेप
आरक्षक सत्येंद्र पाठक की इस करतूत से सहमी छात्रा ने ड्यूटी से घर लौटे अपने रिश्तेदारों को घटना की जानकारी दी। जिसके बाद उन्होंने सत्येंद्र पाठक को घर पर बुलाकर उसे जमकर फटकार लगाते हुए पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही। तब आरोपी ने दोबारा ऐसी कोई हरकत नहीं करने की कसम खाई और रिपोर्ट दर्ज नहीं करने के लिए छात्रा के परिजनों को राजी कर लिया। छात्रा ने आरोप लगाया कि इस घटना के दो सप्ताह बाद आरक्षक सत्येंद्र पाठक ने छात्रा को अकेली पाकर अपने साथ घर ले गया। जहां उसने दोबारा उसे धमकाते हुए दुष्कर्म की घटना को अंजाम देने के साथ ही मुंह खोलने पर जान से मारने की धमकी दे दी।
आरोपी के डर से छात्रा ने पढ़ाई छोड़कर लौटी घर
घटना के बाद सहमी छात्रा ने इस वारदात की जानकारी किसी को नहीं दी। और पढ़ाई छोड़कर जशपुर अपने घर वापस आ गई। अप्रैल में किसी तरह उसने साहस जुटाकर घटना की जानकारी अपने परिजनों को दी। जिसके बाद परिजनों ने छात्रा के साथ बलरामपुर थाने में आरोपी आरक्षक के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी गयी। लेकिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की।
आईजी से शिकायत के बाद हरकत में आई पुलिस
पुलिस में एफआईआर दर्ज नही होने से परेशान छात्रा ने मामले की शिकायत सरगुजा आईजी से की। सरगुजा आईजी ने मामले में बगीचा पुलिस को तत्काल अपराध दर्ज करने के निर्देश दिए। आईजी के निर्देश के बाद जशपुर जिला के बगीचा पुलिस ने 22 सितंबर 2025 को शून्य पर आरक्षक सत्येंद्र पाठक के खिलाफ अपराध दर्ज कर केस डायरी बलरामपुर पुलिस को भेज दी गई है।
जानकारी के मुताबिक ये पूरा घटनाक्रम बलरामपुर जिला के कोतवाली थाना क्षेत्र का है। बताया जा रहा है कि पीड़ित छात्रा मूलतः जशपुर जिला की रहने वाली है। वह बलरामपुर में अपने रिश्तेदार के घर पर रहकर कालेज की पढ़ाई कर रही थी। छात्रा के रिश्तेदार बलरामपुर में ही पुलिस विभाग में पदस्थ हैं। पीड़ित छात्रा ने बताया कि कालेज में पर्ढ़ा करने के दौरान ही उसका परिचयत परिचय बलरामपुर पुलिस लाइन के वाहन शाखा में पदस्थ आरक्षक सत्येंद्र पाठक से हो गया। 22 फरवरी 2025 को जब उसके रिश्तेदार ड्यूटी पर चले गए थे, तभी दोपहर में सत्येंद्र पाठक उसके घर पहुंचा और उसने छात्रा के साथ छेड़छाड़ कर रेप की घटना को अंजाम दिया।
दोबारा गलती नही करने की कसम खाकर…फिर किया रेप
आरक्षक सत्येंद्र पाठक की इस करतूत से सहमी छात्रा ने ड्यूटी से घर लौटे अपने रिश्तेदारों को घटना की जानकारी दी। जिसके बाद उन्होंने सत्येंद्र पाठक को घर पर बुलाकर उसे जमकर फटकार लगाते हुए पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही। तब आरोपी ने दोबारा ऐसी कोई हरकत नहीं करने की कसम खाई और रिपोर्ट दर्ज नहीं करने के लिए छात्रा के परिजनों को राजी कर लिया। छात्रा ने आरोप लगाया कि इस घटना के दो सप्ताह बाद आरक्षक सत्येंद्र पाठक ने छात्रा को अकेली पाकर अपने साथ घर ले गया। जहां उसने दोबारा उसे धमकाते हुए दुष्कर्म की घटना को अंजाम देने के साथ ही मुंह खोलने पर जान से मारने की धमकी दे दी।
आरोपी के डर से छात्रा ने पढ़ाई छोड़कर लौटी घर
घटना के बाद सहमी छात्रा ने इस वारदात की जानकारी किसी को नहीं दी। और पढ़ाई छोड़कर जशपुर अपने घर वापस आ गई। अप्रैल में किसी तरह उसने साहस जुटाकर घटना की जानकारी अपने परिजनों को दी। जिसके बाद परिजनों ने छात्रा के साथ बलरामपुर थाने में आरोपी आरक्षक के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी गयी। लेकिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की।
आईजी से शिकायत के बाद हरकत में आई पुलिस
पुलिस में एफआईआर दर्ज नही होने से परेशान छात्रा ने मामले की शिकायत सरगुजा आईजी से की। सरगुजा आईजी ने मामले में बगीचा पुलिस को तत्काल अपराध दर्ज करने के निर्देश दिए। आईजी के निर्देश के बाद जशपुर जिला के बगीचा पुलिस ने 22 सितंबर 2025 को शून्य पर आरक्षक सत्येंद्र पाठक के खिलाफ अपराध दर्ज कर केस डायरी बलरामपुर पुलिस को भेज दी गई है।



