मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की सामुदायिक पर्यटन के तहत पांच ग्रामों में होम स्टे की शुरुआत जशपुर की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता, आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को जानने और समझने का मिलेगा अवसर- मुख्यमंत्री साय
September 14, 2025
चंद्रभान यादव जशपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जिले की खूबसूरत वादियों और पर्यटन क्षेत्रों को पूरी दुनिया में एक अलग पहचान दिलाने प्रयासरत है। इस कड़ी में आज मुख्यमंत्री के द्वारा कैंप कार्यालय से सामुदायिक पर्यटन के तहत जशपुर के पांच ग्रामों में होम स्टे की शुरुआत की गई। इस अवसर पर झारखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुंडा भी मौजूद थे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि होम-स्टे नीति के माध्यम से जिले में रोजगार का एक नया स्वरूप विकसित होगा। इससे जहां पर्यटन को नई पहचान मिलेगी, वहीं यहां की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता, आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को जानने और समझने का अवसर भी देश-दुनिया के पर्यटकों को मिलेगा।इस अवसर पर जशपुर के पांच गांव देओबोरा, केरे, दनगरी, छिछली और घोघरा में होम स्टे की शुरुआत हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने इन ग्रामों के पर्यटन मित्रों को इको-टूरिज्म गंतव्य के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से सामुदायिक पर्यटन एवं होम-स्टे विकास विषय पर प्रशिक्षण पूरा करने के उपलक्ष्य में प्रमाण पत्र भी प्रदान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पर्यटन क्षेत्र को एक उद्योग के रूप में विकसित करने के लिए कृतसंकल्पित है। इससे स्थानीय उद्यमशीलता को प्रोत्साहन मिलेगा और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि आदिवासी संस्कृति, उनकी परंपराएं, खान-पान और जीवनशैली को लेकर अन्य प्रदेशों के लोगों में हमेशा उत्सुकता बनी रहती है। जशपुर में समृद्ध संस्कृति, सघन वन, झरने और दर्शनीय स्थल हैं। होम-स्टे के तहत पर्यटकों को आदिवासी अंचलों में रहकर स्थानीय संस्कृति, पूजन पद्धति और सादगी को करीब से समझने का अवसर मिलेगा, जो उनके लिए अविस्मरणीय अनुभव साबित होगा।
इस अवसर पर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने कहा कि जशपुर जिले का मकरभंजा जलप्रपात छत्तीसगढ़ का सबसे ऊंचा जलप्रपात है। इसी तरह जिले के अनेक जलप्रपात और पर्यटन स्थल जशपुर की पहचान हैं। पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने से यहां रोजगार के नए अवसर खुलेंगे और जशपुर की ख्याति पूरे देश में बढ़ेगी। विधायक श्रीमती गोमती साय ने कहा कि जशपुर प्राकृतिक सुंदरता से परिपूर्ण और मनमोहक स्थल है। यहां आने वाले पर्यटक जीवन भर इस जगह की यादों को संजोए रखते हैं। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार और डिप्टी कलेक्टर श्री समीर बड़ा सहित जनप्रतिनिधिगण, ग्रामीण उपस्थित रहे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि होम-स्टे नीति के माध्यम से जिले में रोजगार का एक नया स्वरूप विकसित होगा। इससे जहां पर्यटन को नई पहचान मिलेगी, वहीं यहां की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता, आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को जानने और समझने का अवसर भी देश-दुनिया के पर्यटकों को मिलेगा।इस अवसर पर जशपुर के पांच गांव देओबोरा, केरे, दनगरी, छिछली और घोघरा में होम स्टे की शुरुआत हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने इन ग्रामों के पर्यटन मित्रों को इको-टूरिज्म गंतव्य के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से सामुदायिक पर्यटन एवं होम-स्टे विकास विषय पर प्रशिक्षण पूरा करने के उपलक्ष्य में प्रमाण पत्र भी प्रदान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पर्यटन क्षेत्र को एक उद्योग के रूप में विकसित करने के लिए कृतसंकल्पित है। इससे स्थानीय उद्यमशीलता को प्रोत्साहन मिलेगा और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि आदिवासी संस्कृति, उनकी परंपराएं, खान-पान और जीवनशैली को लेकर अन्य प्रदेशों के लोगों में हमेशा उत्सुकता बनी रहती है। जशपुर में समृद्ध संस्कृति, सघन वन, झरने और दर्शनीय स्थल हैं। होम-स्टे के तहत पर्यटकों को आदिवासी अंचलों में रहकर स्थानीय संस्कृति, पूजन पद्धति और सादगी को करीब से समझने का अवसर मिलेगा, जो उनके लिए अविस्मरणीय अनुभव साबित होगा।
इस अवसर पर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने कहा कि जशपुर जिले का मकरभंजा जलप्रपात छत्तीसगढ़ का सबसे ऊंचा जलप्रपात है। इसी तरह जिले के अनेक जलप्रपात और पर्यटन स्थल जशपुर की पहचान हैं। पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने से यहां रोजगार के नए अवसर खुलेंगे और जशपुर की ख्याति पूरे देश में बढ़ेगी। विधायक श्रीमती गोमती साय ने कहा कि जशपुर प्राकृतिक सुंदरता से परिपूर्ण और मनमोहक स्थल है। यहां आने वाले पर्यटक जीवन भर इस जगह की यादों को संजोए रखते हैं। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार और डिप्टी कलेक्टर श्री समीर बड़ा सहित जनप्रतिनिधिगण, ग्रामीण उपस्थित रहे।



