नक्सलियों को बड़ा झटका – एक करोड़ की इनामी सुजाता ने किया आत्मसमर्पण
September 13, 2025
बस्तर।:नक्सलियों के लिए शुक्रवार का दिन सबसे काला दिन साबित हुआ। संगठन की सीनियर लीडर और दक्षिण सब ज़ोनल ब्यूरो की इंचार्ज सुजाता ने तेलंगाना पुलिस के सामने हथियार डाल दिए। सुजाता वही महिला है, जिस पर एक करोड़ रुपये का इनाम था और जो कई सालों से बस्तर के जंगलों में संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रही थी।
तेलंगाना के डीजीपी दोपहर 12 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सुजाता के आत्मसमर्पण की आधिकारिक जानकारी देंगे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सुजाता की गिरफ्तारी/आत्मसमर्पण नक्सली संगठन की रीढ़ पर करारा प्रहार है।
कौन है सुजाता?
सुजाता का नाम नक्सल सर्किल में लंबे समय से खौफ का कारण रहा है। वह बंगाल में मारे गए टॉप कमांडर किशनजी की पत्नी है। किशनजी के मारे जाने के बाद सुजाता ने संगठन में अपनी पकड़ मजबूत की और दक्षिण सब ज़ोनल ब्यूरो की कमान संभाली। उसका काम संगठन का विस्तार करना और नए इलाकों में कैडर तैयार करना था।
गरियाबंद मुठभेड़ के बाद बड़ा बदलाव
यह आत्मसमर्पण ऐसे समय पर हुआ है जब दो दिन पहले ही छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में सुरक्षा बलों ने बड़ी कार्रवाई की थी। इस मुठभेड़ में 10 नक्सली मारे गए थे, जिनमें केंद्रीय समिति सदस्य (CCM) मोड़ेम बालकृष्ण उर्फ भास्कर भी शामिल था। बालकृष्ण की मौत को संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा था, क्योंकि जनवरी में टॉप कमांडर चलपति के मारे जाने के बाद वही संगठन विस्तार का जिम्मा संभाल रहा था।इसके अलावा 25 लाख का इनामी प्रमोद उर्फ पाण्डु भी मारा गया। इस साल अब तक सिर्फ छत्तीसगढ़ में ही 241 नक्सली मारे जा चुके हैं।
संगठन में हड़कंप, पुलिस को बड़ी उम्मीदें
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि सुजाता से पूछताछ में कई बड़े खुलासे होंगे। उससे संगठन की संरचना, संपर्क सूत्रों और भविष्य की रणनीति को लेकर अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा –
“यह आत्मसमर्पण सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं है, बल्कि यह संगठन की कमर तोड़ने वाली घटना है। इससे जंगल में छिपे बाकी नक्सलियों का मनोबल भी टूटेगा।”
तेलंगाना के डीजीपी दोपहर 12 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सुजाता के आत्मसमर्पण की आधिकारिक जानकारी देंगे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सुजाता की गिरफ्तारी/आत्मसमर्पण नक्सली संगठन की रीढ़ पर करारा प्रहार है।
कौन है सुजाता?
सुजाता का नाम नक्सल सर्किल में लंबे समय से खौफ का कारण रहा है। वह बंगाल में मारे गए टॉप कमांडर किशनजी की पत्नी है। किशनजी के मारे जाने के बाद सुजाता ने संगठन में अपनी पकड़ मजबूत की और दक्षिण सब ज़ोनल ब्यूरो की कमान संभाली। उसका काम संगठन का विस्तार करना और नए इलाकों में कैडर तैयार करना था।
गरियाबंद मुठभेड़ के बाद बड़ा बदलाव
यह आत्मसमर्पण ऐसे समय पर हुआ है जब दो दिन पहले ही छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में सुरक्षा बलों ने बड़ी कार्रवाई की थी। इस मुठभेड़ में 10 नक्सली मारे गए थे, जिनमें केंद्रीय समिति सदस्य (CCM) मोड़ेम बालकृष्ण उर्फ भास्कर भी शामिल था। बालकृष्ण की मौत को संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा था, क्योंकि जनवरी में टॉप कमांडर चलपति के मारे जाने के बाद वही संगठन विस्तार का जिम्मा संभाल रहा था।इसके अलावा 25 लाख का इनामी प्रमोद उर्फ पाण्डु भी मारा गया। इस साल अब तक सिर्फ छत्तीसगढ़ में ही 241 नक्सली मारे जा चुके हैं।
संगठन में हड़कंप, पुलिस को बड़ी उम्मीदें
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि सुजाता से पूछताछ में कई बड़े खुलासे होंगे। उससे संगठन की संरचना, संपर्क सूत्रों और भविष्य की रणनीति को लेकर अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा –
“यह आत्मसमर्पण सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं है, बल्कि यह संगठन की कमर तोड़ने वाली घटना है। इससे जंगल में छिपे बाकी नक्सलियों का मनोबल भी टूटेगा।”



