जर्जर भवन के कारण यहां बच्चों को अतिरिक्त भवन, बरामदे, स्टाफ रूम और यहां तक कि पेड़ के नीचे बैठकर पढ़ाई करने को हैं मजबूर

जर्जर भवन के कारण यहां बच्चों को अतिरिक्त भवन, बरामदे, स्टाफ रूम और यहां तक कि पेड़ के नीचे बैठकर पढ़ाई करने को हैं मजबूर

August 28, 2025 0 By Ajeet Yadav

सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले का एक ऐसा स्कूल जहां बच्चों को शिक्षा लेने के लिए खुद जद्दोजहद करनी पड़ रही है। जी हाँ, हम बात कर रहे हैं बिलाईगढ़ ब्लॉक के दुरूमगढ़ की, जहां मिडिल और प्राइमरी स्कूल एक ही जगह पर संचालित है। जर्जर भवन के कारण यहां बच्चों को अतिरिक्त भवन, बरामदे, स्टाफ रूम और यहां तक कि पेड़ के नीचे बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर होना पड़ रहा है।

आप तस्वीरों में देख सकते हैं — एक ही कमरे में तीन-तीन कक्षाएं, अलमारी से बनाए गए पार्टिशन और बरामदे में चल रही पढ़ाई। पिछले 4 सालों से बच्चे इसी हालात में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, लेकिन शिक्षा विभाग अब तक इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। बरसात के दिनों में तो बच्चों की पढ़ाई पर और भी असर पड़ता है।
शिक्षकों का कहना है कि इस समस्या की शिकायत कई बार विभाग से की जा चुकी है, लेकिन समाधान नहीं निकला।
वहीं जब मध्यान्ह भोजन की बात की गई तो प्रभारी शिक्षक ने माना कि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। खाने में अधिकतर समय दाल-चावल सब्जी और कभी-कभी अचार-पापड़ ही दिया जाता है। हमारी टीम ने मिड डे मील की गुणवत्ता देखी तो उसमें मिला-जुला दाल होने के बावजूद वह गुणवत्ताहीन नजर आई।
अब बड़ा सवाल यही है कि क्या खबर दिखाए जाने के बाद अधिकारी इस ओर ध्यान देंगे और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने कदम उठाएंगे, या फिर दुरूमगढ़ के बच्चों की शिक्षा ऐसे ही भगवान भरोसे चलती रहेगी?