इंतजार खत्म होने वाला है, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अटकलों पर लगाया विराम, कल मंत्रिमंडल विस्तार हो गया पक्का
August 19, 2025
रायपुर । आखिरकार मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सस्पेंस खत्म होने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने भी इसे लेकर संकेत दे दिया है। मुख्यमंत्री के बयान से साफ हो गया है कि मंत्रिमंडल विस्तार कल हो जायेगा। इससे पहले छत्तीसगढ़ की राजनीति में इन दिनों सबसे बड़ी चर्चा का विषय मंत्रिमंडल विस्तार बना हुआ था।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वयं संकेत दिया है कि “इंतजार की घड़ी अब पूरी होने वाली है, बहुत जल्द बड़ा फैसला सामने आएगा।” मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।राज्यपाल रमेन डेका ने भी हाल ही में रहस्यमय बयान दिया था — “कुछ तो होने वाला है।” इस पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने और भी उत्सुकता बढ़ाते हुए कहा कि “जब राज्यपाल ने कह दिया है, तो कल कुछ बड़ा जरूर होगा।”
तैयारियां पूरी, बस ऐलान बाकी
राजभवन में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सूत्रों के मुताबिक,
रेड कार्पेट बिछा दिया गया है
सभी गणमान्य व्यक्तियों की सूची तैयार कर ली गई है
नए मंत्रियों के लिए तीन सफेद फॉर्च्यूनर गाड़ियां सजकर तैयार हैं
इनमें से दो गाड़ियों के नंबर CG 02 AF 0009 और CG 02 AV 0005 तय किए जा चुके हैं। तीसरी गाड़ी इस समय ट्रायल पर है।
संभावित मंत्रियों की सूची
राजनीतिक चर्चाओं के अनुसार, नए मंत्रियों में जिन नामों की सबसे अधिक चर्चा है, उनमें प्रमुख हैं:
राजेश अग्रवाल (अंबिकापुर विधायक)
गुरु खुशवंत साहब (आरंग विधायक)
गजेंद्र यादव (दुर्ग शहर विधायक)
इनके नामों को लेकर पार्टी के भीतर और बाहर दोनों ही जगह जोरदार चर्चा है। इससे पहले जो नाम सबसे आगे बताए जा रहे थे, उनमें अमर अग्रवाल, पुरंदर मिश्रा और राजेश मूणत शामिल थे। हालांकि, अब समीकरण बदलते दिखाई दे रहे हैं और भाजपा का झुकाव नई पीढ़ी और हाल ही में चुनाव जीतकर आए चेहरों की ओर ज्यादा दिखाई दे रहा है।
राजनीतिक महत्व
विशेषज्ञों का मानना है कि भाजपा इस विस्तार के जरिए संतुलन साधने की कोशिश करेगी। एक ओर क्षेत्रीय संतुलन का ध्यान रखा जाएगा, वहीं युवा और नए चेहरों को भी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है।
राजेश अग्रवाल ने 2023 में अंबिकापुर सीट से उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव को मात्र 94 वोटों से हराकर सबको चौंका दिया था।
गुरु खुशवंत साहब ने आरंग में कांग्रेस के दिग्गज शिवकुमार डहरिया को मात दी।
वहीं गजेंद्र यादव ने दुर्ग शहर में अरुण वोरा को भारी अंतर से हराकर भाजपा का परचम लहराया।
इन तीनों नेताओं की जीत भाजपा के लिए ऐतिहासिक रही और अब माना जा रहा है कि उन्हें मंत्रिमंडल में इनाम भी मिल सकता है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वयं संकेत दिया है कि “इंतजार की घड़ी अब पूरी होने वाली है, बहुत जल्द बड़ा फैसला सामने आएगा।” मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।राज्यपाल रमेन डेका ने भी हाल ही में रहस्यमय बयान दिया था — “कुछ तो होने वाला है।” इस पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने और भी उत्सुकता बढ़ाते हुए कहा कि “जब राज्यपाल ने कह दिया है, तो कल कुछ बड़ा जरूर होगा।”
तैयारियां पूरी, बस ऐलान बाकी
राजभवन में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सूत्रों के मुताबिक,
रेड कार्पेट बिछा दिया गया है
सभी गणमान्य व्यक्तियों की सूची तैयार कर ली गई है
नए मंत्रियों के लिए तीन सफेद फॉर्च्यूनर गाड़ियां सजकर तैयार हैं
इनमें से दो गाड़ियों के नंबर CG 02 AF 0009 और CG 02 AV 0005 तय किए जा चुके हैं। तीसरी गाड़ी इस समय ट्रायल पर है।
संभावित मंत्रियों की सूची
राजनीतिक चर्चाओं के अनुसार, नए मंत्रियों में जिन नामों की सबसे अधिक चर्चा है, उनमें प्रमुख हैं:
राजेश अग्रवाल (अंबिकापुर विधायक)
गुरु खुशवंत साहब (आरंग विधायक)
गजेंद्र यादव (दुर्ग शहर विधायक)
इनके नामों को लेकर पार्टी के भीतर और बाहर दोनों ही जगह जोरदार चर्चा है। इससे पहले जो नाम सबसे आगे बताए जा रहे थे, उनमें अमर अग्रवाल, पुरंदर मिश्रा और राजेश मूणत शामिल थे। हालांकि, अब समीकरण बदलते दिखाई दे रहे हैं और भाजपा का झुकाव नई पीढ़ी और हाल ही में चुनाव जीतकर आए चेहरों की ओर ज्यादा दिखाई दे रहा है।
राजनीतिक महत्व
विशेषज्ञों का मानना है कि भाजपा इस विस्तार के जरिए संतुलन साधने की कोशिश करेगी। एक ओर क्षेत्रीय संतुलन का ध्यान रखा जाएगा, वहीं युवा और नए चेहरों को भी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है।
राजेश अग्रवाल ने 2023 में अंबिकापुर सीट से उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव को मात्र 94 वोटों से हराकर सबको चौंका दिया था।
गुरु खुशवंत साहब ने आरंग में कांग्रेस के दिग्गज शिवकुमार डहरिया को मात दी।
वहीं गजेंद्र यादव ने दुर्ग शहर में अरुण वोरा को भारी अंतर से हराकर भाजपा का परचम लहराया।
इन तीनों नेताओं की जीत भाजपा के लिए ऐतिहासिक रही और अब माना जा रहा है कि उन्हें मंत्रिमंडल में इनाम भी मिल सकता है।



