15 अगस्त पर तिरंगे का अपमान – मंधाईभाठा उप स्वास्थ्य केंद्र से चौंकाने वाली तस्वीरें

15 अगस्त पर तिरंगे का अपमान – मंधाईभाठा उप स्वास्थ्य केंद्र से चौंकाने वाली तस्वीरें

August 18, 2025 0 By Ajeet Yadav

बिलाईगढ़। जिले के सरसींवा तहसील के मंधाईभाठा उप स्वास्थ्य केंद्र का हैं,जहाँ
देश जब आज़ादी के 79 साल पूरे होने का जश्न मना रहा था उसी समय सरसींवा तहसील के मंधाईभाठा उप स्वास्थ्य केंद्र से ऐसी तस्वीरें सामने आईं, जिन्होंने हर देशभक्त की आत्मा को झकझोर दिया। जी हाँ… यहाँ राष्ट्रीय ध्वज को न सिर्फ़ उल्टा फहराया गया, बल्कि झंडा संहिता के नियमों की भी धज्जियाँ उड़ाई गईं और सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मामले को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों का रवैया बेहद लापरवाह और असंवेदनशील रहा।

ये तस्वीरें हैं मंधाईभाठा उप स्वास्थ्य केंद्र की जहाँ 15 अगस्त को राष्ट्रीय ध्वज उप स्वास्थ्य अधिकारी त्रिलोक साहू और सरपंच दीनानाथ जाटवर द्वारा तिरंगा को उल्टा फहराया गया। झंडे में ऊपर हरा और नीचे केसरिया रंग यानी सीधा-सीधा तिरंगे का अपमान। यही नहीं, झंडारोहण की परंपरागत प्रक्रिया का भी पालन नहीं किया गया।
वही इस घटना को लेकर ग्रामीण लोग इस अपमान से आक्रोशित हैं। उनका कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए,ताकि आगे किसी सरकारी संस्थान में तिरंगे का अपमान न हो। 15 अगस्त जैसे राष्ट्रीय पर्व पर… सरकारी संस्थान में तिरंगे का अपमान और ऊपर से जिम्मेदार अधिकारियों की असंवेदनशीलता – ये मामला बेहद गंभीर है। अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन कब और क्या कार्रवाई करता है।
वही इस मामले को लेकर हमारे संवाददाता ने जब संस्था प्रमुख तिलोक साहू से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए कहा मुझे पता नहीं और पूरा मामला सरपंच पर डाल दिया। उनका बर्ताव उपेक्षापूर्ण और गैर-जिम्मेदाराना रहा। उसके बाद मामला जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) फिरत राम निराला तक पहुँचा, तो उनका रवैया भी हैरान करने वाला रहा। उन्होंने न सिर्फ़ मामले को हल्के में लिया, बल्कि मीडिया कर्मी से आपत्तिजनक लहजे में कहा – “तुम क्या धमकी देते हो।” आइये जानते हैं कानून क्या कहता है? राष्ट्रीय ध्वज संहिता 2002 का उल्लंघन और Prevention of Insults to National Honour Act, 1971 की धारा 2 में सजा 3 साल तक कैद और जुर्माना या दोनों का प्रावधान हैं ।इस अपराध में अपराधी को गैर-जमानती और सज्ञेय हैं।