राहुल मल्लाह छत्तीसगढ़। परंपरा और सेवा भाव के प्रतीक, छत्तीसगढ़ के पारंपरिक त्यौहार कमरछठ के अवसर पर, प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी मोहन मल्लाह के कार्यालय में उपवास सामग्री का वितरण किया गया।
इस अवसर पर भाजी, चावल, दूध, दही और घी सहित उपवास हेतु आवश्यक सामग्री निशुल्क वितरित की गई। वितरण कार्यक्रम कमरछठ के दिन सुबह 9 बजे से आरंभ हुआ, जिसमें दूर-दूर से आए श्रद्धालु और उपवासी शामिल हुए।
इस वर्ष कुल 356 लोगों ने इस सेवा का लाभ उठाया। कार्यक्रम का उद्देश्य धार्मिक परंपरा को बनाए रखते हुए जरूरतमंदों और उपवास रखने वालों की सहायता करना रहा।
मोहन मल्लाह ने कहा, “यह हमारा सौभाग्य है कि हम इस पावन अवसर पर समुदाय की सेवा कर पाते हैं। कमरछठ सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि लोक परंपरा और आपसी सहयोग का प्रतीक है।