भाजपा नेता से 41 लाख रुपए की ठगी, मलाईदार कुर्सी पाने के चक्कर में आ गए झांसे में, अब थाने में की शिकायत

भाजपा नेता से 41 लाख रुपए की ठगी, मलाईदार कुर्सी पाने के चक्कर में आ गए झांसे में, अब थाने में की शिकायत

July 23, 2025 0 By Ajeet Yadav
कोंडागांव। जिले के एक भाजपा नेता से 41.30 लाख रूपए की ठगी हुई हैं। खनिज विकास निगम में अध्यक्ष बनाने का झांसा देकर उससे 3 करोड़ रूपए मांगे थे। मलाईदार कुर्सी पाने के चक्कर में नेता ने ठगों को किश्तों में 41.30 लाख रूपए दे दिए।


दशकों से भाजपा के साथ जुड़कर राजनीति कर रहे भाजपा नेता केशकाल निवासी संतोष कटारिया प्रदेश में सरकार बनने के बाद से मलाईदार कुर्सी पाने की जुगत में थे। कई नेताओं के चक्कर काटे लेकिन उन्हें निगम-मंडल में जगह नहीं मिल रही थी। कुर्सी पाने की लालसा देखकर ठगों ने उन्हें अपना शिकार बना लिया। ठगों ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और केंद्रीय मंत्रियों तक अपनी पहुंच बताकर भाजपा नेता को एक बड़ा ऑफर दिया और खनिज विकास निगम के चेयरमैन बनने का झांसा दिया और किस्तों 41 लाख 30 हजार रुपए ले लिए। जब लंबे समय तक ठगों की तरफ से कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला तो नेताजी को खुद के ठगे जाने का एहसास हो गया। इसके बाद उन्होंने केशकाल थाने में मामले की शिकायत दर्ज करवाई है। संतोष कटारिया ने पुलिस से की गई शिकायत में बताया है कि काजल जोशी उर्फ काजल इंगुले और राजीव सोनी ने मिलकर उनके साथ धोखाधड़ी की है। कोंडागांव जिला भाजपा के कोर ग्रुप के सदस्य कटारिया ने बताया कि रायपुर निवासी राजीव सोनी ने चर्चा के दौरान काजल जोशी उर्फ काजल इंगुले से मुलाकात करवाई। काजल ने खुद को नागपुर व दिल्ली का निवासी बताया और भाजपा व आरएसएस का पदाधिकारी बनकर फोन से संपर्क किया। साथ ही केंद्रीय व प्रदेश कैबिनेट मंत्रियों से पहचान बताकर कटारिया को खनिज विकास निगम में चेयरमैन या अध्यक्ष बनाने का प्रलोभन दिया। इसकी एवज में उसने 3 करोड़ मांगे। पहले तो कटारिया ने एकाएक इतनी बड़ी राशि नहीं होने की बात कही। इसके बाद लंबी चर्चा और मोलभाव के बाद 20 अगस्त 2024 को 20 लाख रुपए नगद काजल जोशी को दिल्ली के निवास में दिए। इसके बाद 1.30 लाख रूपए ऑनलाइन और अक्टूबर 2024 को रायपुर के एक होटल में काजल जोशी व राजीव सोनी को 20 लाख रूपए और दिए। इतनी रकम देने के बावजूद निगम-मंडल में किसी तरह का कोई नियुक्ति आदेश जारी नहीं हुआ तो कटारिया ने दोनों से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन दोनों के नंबर बंद मिले। ऐसे में कटारिया ने खुद को ठगा महसूस किया और मामले की शिकायत पुलिस थाने में जाकर की।