छत्तीसगढ़ में 2161 करोड़ का शराब घोटाला: 7 जुलाई को पेश होगी पांचवीं चार्जशीट, 30 से ज्यादा आबकारी अधिकारी कटघरे में
July 7, 2025
रायपुर। छत्तीसगढ़ में 2161 करोड़ रुपये के शराब घोटाले की जांच निर्णायक मोड़ पर है। ईओडब्ल्यू 7 जुलाई को पांचवीं चार्जशीट पेश करने जा रही है, जिसमें 30 से अधिक आबकारी अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है। चार्जशीट 66,000 से ज्यादा पन्नों की होगी और कई बड़े खुलासे होने की संभावना है। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) इस बहुचर्चित घोटाले में 7 जुलाई को पांचवीं चार्जशीट पेश करने जा रही है।
जानकारी मिल रही है कि चार्जशीट में 30 से अधिक आबकारी अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें 7 सेवानिवृत्त और 23 वर्तमान में पदस्थ अधिकारी शामिल हैं।इस घोटाले की अनुमानित राशि 2161 करोड़ रुपये बताई जा रही है, जो अब तक के सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में से एक माना जा रहा है। जांच एजेंसी के अनुसार, 2019 से 2023 के बीच आबकारी विभाग के अधिकारियों ने शराब सिंडिकेट के साथ मिलकर सरकारी शराब बिक्री प्रणाली में व्यापक हेराफेरी की। इसके तहत नकली बिल, ओवर रेटिंग, नकद वसूली और रेट तय करने में अनियमितता जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
ईओडब्ल्यू द्वारा दायर की जाने वाली पांचवीं चार्जशीट में कुल 66,000 से अधिक पन्ने शामिल होंगे, जिसमें तकनीकी दस्तावेज, बैंक ट्रांजेक्शन डिटेल्स, कॉल रिकॉर्ड्स, गवाहों के बयान और डिजिटल साक्ष्य प्रस्तुत किए जाएंगे। यह दस्तावेजी प्रमाण यह सिद्ध करने के लिए पर्याप्त माने जा रहे हैं कि किस प्रकार अधिकारियों ने सिंडिकेट के साथ मिलकर नियमों को ताक पर रखकर करोड़ों की लूट को अंजाम दिया।
यह पहली बार है जब इतनी बड़ी संख्या में राज्य सेवा के अधिकारी एक ही मामले में नामजद किए गए हैं। इससे राज्य प्रशासन में हलचल मच गई है और आने वाले समय में राजनीतिक तापमान भी बढ़ सकता है। माना जा रहा है कि इस चार्जशीट में ऐसे नाम भी सामने आ सकते हैं, जो अब तक जांच के दायरे से बाहर माने जा रहे थे।
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जांच एजेंसी के मुताबिक सभी आरोपी अधिकारियों को 7 जुलाई को अदालत में पेश किया जाएगा, और उसी दिन चार्जशीट सार्वजनिक की जाएगी। इस मामले की संवेदनशीलता और आकार को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की गई है।चार्जशीट में 7 रिटायर्ड अधिकारी और 23 वर्तमान पदस्थ अधिकारी आरोपी बनाए गए हैं। सभी आरोपियों को 7 जुलाई को न्यायालय में पेश किया जाएगा। जांच एजेंसी का दावा है कि इनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य एकत्र किए जा चुके हैं।
जानकारी मिल रही है कि चार्जशीट में 30 से अधिक आबकारी अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें 7 सेवानिवृत्त और 23 वर्तमान में पदस्थ अधिकारी शामिल हैं।इस घोटाले की अनुमानित राशि 2161 करोड़ रुपये बताई जा रही है, जो अब तक के सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में से एक माना जा रहा है। जांच एजेंसी के अनुसार, 2019 से 2023 के बीच आबकारी विभाग के अधिकारियों ने शराब सिंडिकेट के साथ मिलकर सरकारी शराब बिक्री प्रणाली में व्यापक हेराफेरी की। इसके तहत नकली बिल, ओवर रेटिंग, नकद वसूली और रेट तय करने में अनियमितता जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
ईओडब्ल्यू द्वारा दायर की जाने वाली पांचवीं चार्जशीट में कुल 66,000 से अधिक पन्ने शामिल होंगे, जिसमें तकनीकी दस्तावेज, बैंक ट्रांजेक्शन डिटेल्स, कॉल रिकॉर्ड्स, गवाहों के बयान और डिजिटल साक्ष्य प्रस्तुत किए जाएंगे। यह दस्तावेजी प्रमाण यह सिद्ध करने के लिए पर्याप्त माने जा रहे हैं कि किस प्रकार अधिकारियों ने सिंडिकेट के साथ मिलकर नियमों को ताक पर रखकर करोड़ों की लूट को अंजाम दिया।
यह पहली बार है जब इतनी बड़ी संख्या में राज्य सेवा के अधिकारी एक ही मामले में नामजद किए गए हैं। इससे राज्य प्रशासन में हलचल मच गई है और आने वाले समय में राजनीतिक तापमान भी बढ़ सकता है। माना जा रहा है कि इस चार्जशीट में ऐसे नाम भी सामने आ सकते हैं, जो अब तक जांच के दायरे से बाहर माने जा रहे थे।
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जांच एजेंसी के मुताबिक सभी आरोपी अधिकारियों को 7 जुलाई को अदालत में पेश किया जाएगा, और उसी दिन चार्जशीट सार्वजनिक की जाएगी। इस मामले की संवेदनशीलता और आकार को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की गई है।चार्जशीट में 7 रिटायर्ड अधिकारी और 23 वर्तमान पदस्थ अधिकारी आरोपी बनाए गए हैं। सभी आरोपियों को 7 जुलाई को न्यायालय में पेश किया जाएगा। जांच एजेंसी का दावा है कि इनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य एकत्र किए जा चुके हैं।



