कलेक्टर ने जनगणना कार्य के लिए प्रशिक्षण गंभीरता से लेने के निर्देश अधिकारियों को दिए जनगणना कार्य के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को दिया जा रहा दो दिवसीय प्रशिक्षण
March 6, 2026
(चंद्रभान यादव)
जशपुरनगर। गृह मंत्रालय जनगणना कार्य निदेशालय छ.ग. रायपुर के निर्देशानुसार भारत की जनगणना 2027 (प्रथम चरण 01 मई 2026 से 30 मई 2026 के कार्य संपादन हेतु जिले के सभी जिला स्तर के जिला जनगणना अधिकारी एवं चार्ज अधिकारी, नगर जनगणना अधिकारी तथा जनगणना लिपिकों का दो दिवसीय जिला कार्यालय के सभा कक्ष में आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण हेतु राज्य स्तर के संयुक्त निदेशक श्री दीपक गोदे, जिला समन्वयक श्री चतर सिंह तोमर तथा राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर श्री वैद्यनाथ कुमार के द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। जनगणना 2027 पूर्ण रूप से डिजिटल माध्यम से किया जाना है। डिजिटल माध्यम के टूल्स एवं चार्ज अधिकारी, प्रगणक, पर्यवेक्षक के कर्तव्य के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।
कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने सभी अधिकारियों को प्रशिक्षण गंभीरता से लेने के निर्देश दिए है।
उन्होंने कहा कि जनगणना का कार्य करते समय सभी महत्वपूर्ण जानकारी अपडेट करना बेहद जरूरी है।
प्रशिक्षण में डिप्टी कलेक्टर एवं जिला जनगणना अधिकारी श्री प्रशान्त कुमार कुशवाहा, अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी श्री मनीष कुमार मिश्रा उप संचालक जिला योजना एवं सांख्यिकी जशपुर एवं सर्व अनुविभागीय जनगणना अधिकारी, सर्व तहसीलदार चार्ज अधिकारी तथा सर्व नगर जनगणना अधिकारी मुख्य नगर पालिका, जनगणना लिपिक उपस्थित रहे।
भारत की यह जनगणना वर्ष 1872 से सोलहवीं एवं स्वतंत्रता के बाद आठवीं जनगणना होगी। यह मोबाइल एप्प के माध्यम से डिजिटल जनगणना होगी। यह जनगणना दो चरणों में होगी। प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना होगी जो अप्रैल से सितम्बर 2026 के अवधि में 30 दिनों में सम्पन्न कराया जावेगा। द्वितीय चरण में जनसंख्या की गणना फरवरी 2027 में कराया जावेगा।
प्रशिक्षण में जनगणना कार्य को सफलतापूर्वक संचालन हेतु विभिन्न जनगणना
पदाधिकारियों नियुक्ति एवं कर्मचारियों का चयन कर योजनाबद्ध तरीके से फील्ड कार्य करवाना है। तथा जनगणना अधिकारियों के कार्यों की जानकारी तथा निरीक्षण कर मार्गदर्शन देना है। जनगणना 2027 के अंतर्गत मुख्य सचिव एवं गृह जेल विभाग को जनगणना गतिविधियों एवं समन्वय के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रशासनिक इकाइयों की सीमाओं को 31 दिसम्बर 2025 से फ्रीज किया जाएगा। जनवरी से मार्च 2026 तक सीमाओं में कोई परिवर्तन नहीं किया जावेगा। मोबाइल एप्प के द्वारा मकान सूचीकरण मकानों की गणना, जनसंख्या की गणना, गणना ब्लाक की निर्धारित सीमा के टर्मिनल प्वाइंट को जी. पी. एस से कैप्चर किया जावेगा। सीएमएमएस पोर्टल हेतु जिला स्तर पर तहसील एवं नगरीय चार्जस एडमिन बनाया जाएगा। पोर्टल में बैच क्रिएट करना तथा फील्ड कार्य का अवलोकन करना होगा। चार्ज स्तर पर फील्ड ट्रेनर, प्रगणक व पर्यवेक्षक की नियुक्ति कर बैच क्रिएट करना एवं पोर्टल प्रगति का अवलोकन किया जाएगा। निवासियों को अपना जनगणना डेटा स्वयं ऑनलाइन भरने की सुविधा होगी।
तहसील एवं नगरीय के मानचित्रों का सत्यापन प्राथमिकता से करते हुए निदेशालय को भेजना होगा। तहसीलों में ग्राम वार आबादी, हेमलेट, मजरा, पारा व टोला की सूची तथा नगरीय निकायों में गन्दी बस्ती की सूची तैयार कर निदेशालय को अनुलग्न 1 एवं 2 में भेजना है। जिला स्तर पर चार मास्टर ट्रेनरों को डिजिटल मोड में प्रशिक्षण देने हेतु चिन्हित किया जाएगा। मोबाइल एप्प पर कार्य करने वाले प्रगणकों, पर्यवेक्षकों का सूची तैयार कर अनुलग्नक 3 में भेजना होगा। जिले में प्रत्येक व्यक्ति की जनगणना की जावे, इसके लिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई क्षेत्र, इकाई न छूटे, जनगणना में संलग्न सभी कर्मचारी-अधिकारी एवं लिपिक अपनी भूमिका में तत्पर रहेंगें। जनगणना सफलतापूर्वक संचालित हो तथा दण्डात्मक कार्यवाही की परिथति निर्मित न हो।
जशपुरनगर। गृह मंत्रालय जनगणना कार्य निदेशालय छ.ग. रायपुर के निर्देशानुसार भारत की जनगणना 2027 (प्रथम चरण 01 मई 2026 से 30 मई 2026 के कार्य संपादन हेतु जिले के सभी जिला स्तर के जिला जनगणना अधिकारी एवं चार्ज अधिकारी, नगर जनगणना अधिकारी तथा जनगणना लिपिकों का दो दिवसीय जिला कार्यालय के सभा कक्ष में आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण हेतु राज्य स्तर के संयुक्त निदेशक श्री दीपक गोदे, जिला समन्वयक श्री चतर सिंह तोमर तथा राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर श्री वैद्यनाथ कुमार के द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। जनगणना 2027 पूर्ण रूप से डिजिटल माध्यम से किया जाना है। डिजिटल माध्यम के टूल्स एवं चार्ज अधिकारी, प्रगणक, पर्यवेक्षक के कर्तव्य के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।
कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने सभी अधिकारियों को प्रशिक्षण गंभीरता से लेने के निर्देश दिए है।
उन्होंने कहा कि जनगणना का कार्य करते समय सभी महत्वपूर्ण जानकारी अपडेट करना बेहद जरूरी है।
प्रशिक्षण में डिप्टी कलेक्टर एवं जिला जनगणना अधिकारी श्री प्रशान्त कुमार कुशवाहा, अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी श्री मनीष कुमार मिश्रा उप संचालक जिला योजना एवं सांख्यिकी जशपुर एवं सर्व अनुविभागीय जनगणना अधिकारी, सर्व तहसीलदार चार्ज अधिकारी तथा सर्व नगर जनगणना अधिकारी मुख्य नगर पालिका, जनगणना लिपिक उपस्थित रहे।
भारत की यह जनगणना वर्ष 1872 से सोलहवीं एवं स्वतंत्रता के बाद आठवीं जनगणना होगी। यह मोबाइल एप्प के माध्यम से डिजिटल जनगणना होगी। यह जनगणना दो चरणों में होगी। प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना होगी जो अप्रैल से सितम्बर 2026 के अवधि में 30 दिनों में सम्पन्न कराया जावेगा। द्वितीय चरण में जनसंख्या की गणना फरवरी 2027 में कराया जावेगा।
प्रशिक्षण में जनगणना कार्य को सफलतापूर्वक संचालन हेतु विभिन्न जनगणना
पदाधिकारियों नियुक्ति एवं कर्मचारियों का चयन कर योजनाबद्ध तरीके से फील्ड कार्य करवाना है। तथा जनगणना अधिकारियों के कार्यों की जानकारी तथा निरीक्षण कर मार्गदर्शन देना है। जनगणना 2027 के अंतर्गत मुख्य सचिव एवं गृह जेल विभाग को जनगणना गतिविधियों एवं समन्वय के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रशासनिक इकाइयों की सीमाओं को 31 दिसम्बर 2025 से फ्रीज किया जाएगा। जनवरी से मार्च 2026 तक सीमाओं में कोई परिवर्तन नहीं किया जावेगा। मोबाइल एप्प के द्वारा मकान सूचीकरण मकानों की गणना, जनसंख्या की गणना, गणना ब्लाक की निर्धारित सीमा के टर्मिनल प्वाइंट को जी. पी. एस से कैप्चर किया जावेगा। सीएमएमएस पोर्टल हेतु जिला स्तर पर तहसील एवं नगरीय चार्जस एडमिन बनाया जाएगा। पोर्टल में बैच क्रिएट करना तथा फील्ड कार्य का अवलोकन करना होगा। चार्ज स्तर पर फील्ड ट्रेनर, प्रगणक व पर्यवेक्षक की नियुक्ति कर बैच क्रिएट करना एवं पोर्टल प्रगति का अवलोकन किया जाएगा। निवासियों को अपना जनगणना डेटा स्वयं ऑनलाइन भरने की सुविधा होगी।
तहसील एवं नगरीय के मानचित्रों का सत्यापन प्राथमिकता से करते हुए निदेशालय को भेजना होगा। तहसीलों में ग्राम वार आबादी, हेमलेट, मजरा, पारा व टोला की सूची तथा नगरीय निकायों में गन्दी बस्ती की सूची तैयार कर निदेशालय को अनुलग्न 1 एवं 2 में भेजना है। जिला स्तर पर चार मास्टर ट्रेनरों को डिजिटल मोड में प्रशिक्षण देने हेतु चिन्हित किया जाएगा। मोबाइल एप्प पर कार्य करने वाले प्रगणकों, पर्यवेक्षकों का सूची तैयार कर अनुलग्नक 3 में भेजना होगा। जिले में प्रत्येक व्यक्ति की जनगणना की जावे, इसके लिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई क्षेत्र, इकाई न छूटे, जनगणना में संलग्न सभी कर्मचारी-अधिकारी एवं लिपिक अपनी भूमिका में तत्पर रहेंगें। जनगणना सफलतापूर्वक संचालित हो तथा दण्डात्मक कार्यवाही की परिथति निर्मित न हो।



