ईओडब्ल्यू ने आरोपी सतपाल छाबड़ा को किया गिरफ्तार, 25 तक रिमांड पर
February 22, 2026
डीएमएफ फंड घोटाला
कई करोड़ की अवैध कमाई, कमीशन व रिश्तेदारों के खाते में पैसे डालने का आरोप
रायपुर। ईओडब्ल्यू / एसीबी ने जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) फंड घोटाला मामले में आरोपी सतपाल छाबड़ा को गिरफ्तार किया है। गुरुवार को विधि सम्मत कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया गया और न्यायालय ने आगामी 25 फरवरी तक पुलिस रिमांड की अनुमति प्रदान की है।
ईओडब्ल्यू ने गुरुवार को एक अधिकृत बयान जारी कर बताया कि डीएमएफ घोटाले की जांच में प्राप्त साक्ष्यों और दस्तावेजों में पाया गया कि डीएमएफ फंड से संचालित कृषि अनुदान कार्यों में नियमों का उल्लंघन करते हुए वित्तीय अनियमितताएं की गई हैं। इससे सरकार को गंभीर आर्थिक क्षति हुई है। प्रारंभिक जांच में यह बातें भी सामने आई कि आरोपी सतपाल छाबड़ा द्वारा सिंडिकेट (शासकीय
अधिकारी-कर्मचारी, व्यापारी) के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र कर कृषि योजनाओं क्रियान्वयन के में पारदर्शिता एवं निर्धारित प्रक्रिया की अनदेखी की गई। ईओडब्ल्यू के अफसरों के मुताबिक आरोपी सतपाल छाबड़ा ने कई करोड़ के अवैध कमीशन को नगद और अपने नातेदारों के बैंक खातों में प्राप्त किया। जांच के दौरान वित्तीय लेन-देन, डिजिटल साक्ष्य तथा संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच की गई, जिसमें आरोपी की संलिप्तता के पर्याप्त प्रमाण प्राप्त हुए।
ईओडब्ल्यू ने बताया कि डीएमएफ फंड घोटाला मामले में अपराध क्रमांक 02/2024, धारा 7 एवं 12 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 संशोधित अधिनियम 2018 एवं 420, 120बी, 467, 468, 471 भा.द.वि. के तहत मामला पंजीबद्ध है, जिसकी जांच चल रही है। इसी जांच की कड़ी में आरोपी सतपाल छाबड़ा की गिरफ्तारी की गई है।
कई करोड़ की अवैध कमाई, कमीशन व रिश्तेदारों के खाते में पैसे डालने का आरोप
रायपुर। ईओडब्ल्यू / एसीबी ने जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) फंड घोटाला मामले में आरोपी सतपाल छाबड़ा को गिरफ्तार किया है। गुरुवार को विधि सम्मत कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया गया और न्यायालय ने आगामी 25 फरवरी तक पुलिस रिमांड की अनुमति प्रदान की है।
ईओडब्ल्यू ने गुरुवार को एक अधिकृत बयान जारी कर बताया कि डीएमएफ घोटाले की जांच में प्राप्त साक्ष्यों और दस्तावेजों में पाया गया कि डीएमएफ फंड से संचालित कृषि अनुदान कार्यों में नियमों का उल्लंघन करते हुए वित्तीय अनियमितताएं की गई हैं। इससे सरकार को गंभीर आर्थिक क्षति हुई है। प्रारंभिक जांच में यह बातें भी सामने आई कि आरोपी सतपाल छाबड़ा द्वारा सिंडिकेट (शासकीय
अधिकारी-कर्मचारी, व्यापारी) के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र कर कृषि योजनाओं क्रियान्वयन के में पारदर्शिता एवं निर्धारित प्रक्रिया की अनदेखी की गई। ईओडब्ल्यू के अफसरों के मुताबिक आरोपी सतपाल छाबड़ा ने कई करोड़ के अवैध कमीशन को नगद और अपने नातेदारों के बैंक खातों में प्राप्त किया। जांच के दौरान वित्तीय लेन-देन, डिजिटल साक्ष्य तथा संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच की गई, जिसमें आरोपी की संलिप्तता के पर्याप्त प्रमाण प्राप्त हुए।
ईओडब्ल्यू ने बताया कि डीएमएफ फंड घोटाला मामले में अपराध क्रमांक 02/2024, धारा 7 एवं 12 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 संशोधित अधिनियम 2018 एवं 420, 120बी, 467, 468, 471 भा.द.वि. के तहत मामला पंजीबद्ध है, जिसकी जांच चल रही है। इसी जांच की कड़ी में आरोपी सतपाल छाबड़ा की गिरफ्तारी की गई है।



