आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने राष्ट्रीय शहरी एवं रियल एस्टेट विकास कॉन्क्लेव 2026 तथा आवास वित्त पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित किया
February 14, 2026
नई दिल्ली। आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने नई दिल्ली स्थित यशोभूमि में आयोजित राष्ट्रीय शहरी एवं रियल एस्टेट विकास कॉन्क्लेव 2026 के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। यह कार्यक्रम आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के तत्वावधान में (एन ए आर डी सी ओ) द्वारा आयोजित किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री किंजारापु राम मोहन नायडू भी उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में श्री साहू ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “विकसित भारत @2047” का संकल्प 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। उन्होंने कहा कि शहरी विकास एवं रियल एस्टेट क्षेत्र इस लक्ष्य की प्राप्ति में प्रमुख विकास इंजन के रूप में उभर रहे हैं।
उन्होंने उल्लेख किया कि आज भारत विश्व की शीर्ष पाँच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। यद्यपि देश की लगभग 37 प्रतिशत जनसंख्या शहरी क्षेत्रों में निवास करती है, किंतु शहर राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 60–65 प्रतिशत योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि नियोजित एवं सतत शहरीकरण राष्ट्रीय प्रगति का आधार है।
श्री साहू ने कहा कि आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ‘जीवनयापन में सुगमता’ को बढ़ावा देने हेतु प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के माध्यम से गरिमामय आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं तथा रेरा के माध्यम से पारदर्शिता और निवेशकों के विश्वास को सुदृढ़ किया गया है। उन्होंने हरित भवनों, आधुनिक निर्माण तकनीकों तथा सतत विकास को बढ़ावा देने पर बल दिया और (एन ए आर डी सी ओ) सहित निजी क्षेत्र से साझेदारी का आह्वान किया।
इसके पश्चात श्री साहू ने भारत मंडपम में नेशनल हाउसिंग बैंक (एनएचबी) द्वारा एशिया पैसिफिक यूनियन फॉर हाउसिंग फाइनेंस (एपीयूएचएफ) के सहयोग से आयोजित “इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन इवॉल्विंग लैंडस्केप ऑफ हाउसिंग फाइनेंस” के समापन सत्र को संबोधित किया। “समावेशिता, स्थिरता और सततता” विषयक इस सम्मेलन में केंद्र सरकार, बहुपक्षीय संस्थानों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों, निजी क्षेत्र तथा आवास वित्त कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
अपने संबोधन में श्री साहू ने कहा कि भारत विश्व की सर्वाधिक तीव्र गति से विकसित हो रही प्रमुख अर्थव्यवस्था है और ‘अंत्योदय’ के सिद्धांत के अनुरूप विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किफायती आवास भारत के विकास एजेंडा का केंद्रीय स्तंभ बन चुका है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत 1.22 करोड़ से अधिक तथा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत 3.88 करोड़ से अधिक आवासों का निर्माण किया जा चुका है। केंद्रीय बजट 2026–27 में पीएमएवाई-शहरी के लिए ₹18,625 करोड़ का प्रावधान ‘सभी के लिए आवास’ के लक्ष्य को और सुदृढ़ करता है।
श्री साहू ने रेरा द्वारा पारदर्शिता को बढ़ावा देने, (एस डब्ल्यू ए एम आई एच )फंड के माध्यम से लगभग एक लाख अटके हुए आवासों को पूर्ण कराने, तथा महिला स्वामित्व को प्रोत्साहन देने जैसे प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने ‘सुगम्य भारत अभियान’, ग्लोबल हाउसिंग टेक्नोलॉजी चैलेंज (जीएचटीसी-India) के अंतर्गत आपदा-रोधी एवं नवाचार आधारित निर्माण तकनीकों, तथा ऊर्जा-कुशल एवं जलवायु-संवेदनशील आवास की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने शहरी परिवहन के क्षेत्र में मेट्रो नेटवर्क के तीव्र विस्तार, क्षेत्रीय तीव्र परिवहन प्रणाली (आरआरटीएस), पीएम ई-बस सेवा योजना तथा ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टी ओ डी) के माध्यम से निर्बाध अंतिम मील कनेक्टिविटी के प्रयासों का भी उल्लेख किया।
श्री साहू ने लाभार्थी-आधारित निर्माण (बीएलसी) घटक के अंतर्गत प्रारंभिक धनराशि की चुनौतियों के समाधान हेतु नेशनल हाउसिंग बैंक की सक्रिय भूमिका की सराहना की और कहा कि इससे आवास निर्माण में तेजी आएगी तथा ‘सभी के लिए आवास’ के लक्ष्य को बल मिलेगा।
समापन में उन्होंने कहा कि आवास वित्त प्रणाली को सुलभ, उत्तरदायी और जन-केंद्रित बनाए रखना आवश्यक है, तथा विश्वास व्यक्त किया कि यह सम्मेलन किफायती आवास वित्त के क्षेत्र में नवाचारपूर्ण और व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करेगा।
अपने संबोधन में श्री साहू ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “विकसित भारत @2047” का संकल्प 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। उन्होंने कहा कि शहरी विकास एवं रियल एस्टेट क्षेत्र इस लक्ष्य की प्राप्ति में प्रमुख विकास इंजन के रूप में उभर रहे हैं।
उन्होंने उल्लेख किया कि आज भारत विश्व की शीर्ष पाँच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। यद्यपि देश की लगभग 37 प्रतिशत जनसंख्या शहरी क्षेत्रों में निवास करती है, किंतु शहर राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 60–65 प्रतिशत योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि नियोजित एवं सतत शहरीकरण राष्ट्रीय प्रगति का आधार है।
श्री साहू ने कहा कि आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ‘जीवनयापन में सुगमता’ को बढ़ावा देने हेतु प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के माध्यम से गरिमामय आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं तथा रेरा के माध्यम से पारदर्शिता और निवेशकों के विश्वास को सुदृढ़ किया गया है। उन्होंने हरित भवनों, आधुनिक निर्माण तकनीकों तथा सतत विकास को बढ़ावा देने पर बल दिया और (एन ए आर डी सी ओ) सहित निजी क्षेत्र से साझेदारी का आह्वान किया।
इसके पश्चात श्री साहू ने भारत मंडपम में नेशनल हाउसिंग बैंक (एनएचबी) द्वारा एशिया पैसिफिक यूनियन फॉर हाउसिंग फाइनेंस (एपीयूएचएफ) के सहयोग से आयोजित “इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन इवॉल्विंग लैंडस्केप ऑफ हाउसिंग फाइनेंस” के समापन सत्र को संबोधित किया। “समावेशिता, स्थिरता और सततता” विषयक इस सम्मेलन में केंद्र सरकार, बहुपक्षीय संस्थानों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों, निजी क्षेत्र तथा आवास वित्त कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
अपने संबोधन में श्री साहू ने कहा कि भारत विश्व की सर्वाधिक तीव्र गति से विकसित हो रही प्रमुख अर्थव्यवस्था है और ‘अंत्योदय’ के सिद्धांत के अनुरूप विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किफायती आवास भारत के विकास एजेंडा का केंद्रीय स्तंभ बन चुका है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत 1.22 करोड़ से अधिक तथा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत 3.88 करोड़ से अधिक आवासों का निर्माण किया जा चुका है। केंद्रीय बजट 2026–27 में पीएमएवाई-शहरी के लिए ₹18,625 करोड़ का प्रावधान ‘सभी के लिए आवास’ के लक्ष्य को और सुदृढ़ करता है।
श्री साहू ने रेरा द्वारा पारदर्शिता को बढ़ावा देने, (एस डब्ल्यू ए एम आई एच )फंड के माध्यम से लगभग एक लाख अटके हुए आवासों को पूर्ण कराने, तथा महिला स्वामित्व को प्रोत्साहन देने जैसे प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने ‘सुगम्य भारत अभियान’, ग्लोबल हाउसिंग टेक्नोलॉजी चैलेंज (जीएचटीसी-India) के अंतर्गत आपदा-रोधी एवं नवाचार आधारित निर्माण तकनीकों, तथा ऊर्जा-कुशल एवं जलवायु-संवेदनशील आवास की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने शहरी परिवहन के क्षेत्र में मेट्रो नेटवर्क के तीव्र विस्तार, क्षेत्रीय तीव्र परिवहन प्रणाली (आरआरटीएस), पीएम ई-बस सेवा योजना तथा ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टी ओ डी) के माध्यम से निर्बाध अंतिम मील कनेक्टिविटी के प्रयासों का भी उल्लेख किया।
श्री साहू ने लाभार्थी-आधारित निर्माण (बीएलसी) घटक के अंतर्गत प्रारंभिक धनराशि की चुनौतियों के समाधान हेतु नेशनल हाउसिंग बैंक की सक्रिय भूमिका की सराहना की और कहा कि इससे आवास निर्माण में तेजी आएगी तथा ‘सभी के लिए आवास’ के लक्ष्य को बल मिलेगा।
समापन में उन्होंने कहा कि आवास वित्त प्रणाली को सुलभ, उत्तरदायी और जन-केंद्रित बनाए रखना आवश्यक है, तथा विश्वास व्यक्त किया कि यह सम्मेलन किफायती आवास वित्त के क्षेत्र में नवाचारपूर्ण और व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करेगा।



