नवगुरूकुल में तैयारी से नीलम को मिला रोजगार का अवसर प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करने के लिए नवगुरूकुल दे रहा है बढ़िया अवसर
January 30, 2026
संवाददाता प्रभा यादव
जशपुरनगर :- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में युवाओं को रोजगार के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है।
इस कड़ी में जशपुर जिले की नीलम यादव अपने सफलता की कहानी बयां कर रही है।
उन्होंने बताया कि वे जशपुर, छत्तीसगढ़ की रहने वाली है। उनके पिता का नाम महेश यादव है और माता का नाम कमला यादव है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा 10 वीं तक शिशु निकेतन हाई स्कूल, जशपुर में पूरी की है। 11वीं और 12वीं की शिक्षा गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल, गम्हरिया से पूरी की। नवगुरुकुल के बारे में अपने स्कूल में सेविर के आयोजन से पता चला। इसके बाद, स्वामी आत्मानंद बॉयज़ स्कूल के सेमिनार में भाग लिया, जहाँ मुझे नवगुरुकुल के लर्निंग मॉडल के बारे में विस्तार से समझने का अवसर मिला।
उन्होंने बताया कि इसके बाद, नवगुरुकुल की एंट्रेंस परीक्षा दी और दस दिन बाद नवगुरुकुल कैंपस, जशपुर में शामिल हो गई। नवगुरुकुल में आना मेरे जीवन का एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। यहाँ मैंने अपने परिवार के बिना अपनी पढ़ाई शुरू की और धीरे-धीरे डेटा एनालिटिक्स और बेसिक अकाउंट सीखा। टेक्निकल स्किल्स के साथ-साथ नवगुरुकुल ने मेरी अंग्रेज़ी कम्युनिकेशन, आत्मविश्वास, लाइफ स्किल्स और सॉफ्ट स्किल्स को भी मजबूत किया, जिससे मेरी पूरी दिनचर्या में बदलाव आया। मुझे एक साल होते ही एक कंपनी का जॉब ऑफर आया, वो कंपनी है उमाश्री टेक्सप्लास्ट प्राइवेट लिमिटेड, अहमदाबाद। इस जॉब में मेरा रोल मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव का था और मेरी नवगुरुकुल से ली गई शिक्षा का सफलतापूर्वक फल प्राप्त हुआ। इस जॉब में मैंने खुद को उन स्किल्स के साथ निखारा जो नवगुरुकुल से प्राप्त हुई थी, जैसे सेल्फ कॉन्फिडेंट, मेहनत और खुद पर भरोसा रखना। नवगुरुकुल ने मुझे एक सामान्य और झिझकने वाली लड़की से आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और जिम्मेदार इंसान बना दिया है। नवगुरुकुल ने न सिर्फ मुझे पढ़ाया, बल्कि मुझे खुद पर भरोसा करना भी सिखाया। मैं नवगुरुकुल की दिल से आभारी हूँ, जिसने मेरे जीवन को सही दिशा दी और मुझे आगे बढ़ने का मौका दिया।
जशपुरनगर :- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में युवाओं को रोजगार के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है।
इस कड़ी में जशपुर जिले की नीलम यादव अपने सफलता की कहानी बयां कर रही है।
उन्होंने बताया कि वे जशपुर, छत्तीसगढ़ की रहने वाली है। उनके पिता का नाम महेश यादव है और माता का नाम कमला यादव है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा 10 वीं तक शिशु निकेतन हाई स्कूल, जशपुर में पूरी की है। 11वीं और 12वीं की शिक्षा गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल, गम्हरिया से पूरी की। नवगुरुकुल के बारे में अपने स्कूल में सेविर के आयोजन से पता चला। इसके बाद, स्वामी आत्मानंद बॉयज़ स्कूल के सेमिनार में भाग लिया, जहाँ मुझे नवगुरुकुल के लर्निंग मॉडल के बारे में विस्तार से समझने का अवसर मिला।
उन्होंने बताया कि इसके बाद, नवगुरुकुल की एंट्रेंस परीक्षा दी और दस दिन बाद नवगुरुकुल कैंपस, जशपुर में शामिल हो गई। नवगुरुकुल में आना मेरे जीवन का एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। यहाँ मैंने अपने परिवार के बिना अपनी पढ़ाई शुरू की और धीरे-धीरे डेटा एनालिटिक्स और बेसिक अकाउंट सीखा। टेक्निकल स्किल्स के साथ-साथ नवगुरुकुल ने मेरी अंग्रेज़ी कम्युनिकेशन, आत्मविश्वास, लाइफ स्किल्स और सॉफ्ट स्किल्स को भी मजबूत किया, जिससे मेरी पूरी दिनचर्या में बदलाव आया। मुझे एक साल होते ही एक कंपनी का जॉब ऑफर आया, वो कंपनी है उमाश्री टेक्सप्लास्ट प्राइवेट लिमिटेड, अहमदाबाद। इस जॉब में मेरा रोल मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव का था और मेरी नवगुरुकुल से ली गई शिक्षा का सफलतापूर्वक फल प्राप्त हुआ। इस जॉब में मैंने खुद को उन स्किल्स के साथ निखारा जो नवगुरुकुल से प्राप्त हुई थी, जैसे सेल्फ कॉन्फिडेंट, मेहनत और खुद पर भरोसा रखना। नवगुरुकुल ने मुझे एक सामान्य और झिझकने वाली लड़की से आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और जिम्मेदार इंसान बना दिया है। नवगुरुकुल ने न सिर्फ मुझे पढ़ाया, बल्कि मुझे खुद पर भरोसा करना भी सिखाया। मैं नवगुरुकुल की दिल से आभारी हूँ, जिसने मेरे जीवन को सही दिशा दी और मुझे आगे बढ़ने का मौका दिया।


