बस्तर के हिस्से आए तीन पद्मश्री, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जताया गर्व, जानिये कौन-कौन विधा में है इनकी शोहरत
January 26, 2026
संवाददाता प्रभा यादव
पद्मश्री पुरस्कारों की घोषणा में बस्तर अंचल का परचम लहराया है। समाजसेवा के क्षेत्र में बस्तर की ‘बड़ी दीदी’ बुधरी ताती और चिकित्सा सेवा के लिए डॉ. रामचंद्र गोडबोले एवं डॉ. सुनीता गोडबोले को पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय बताया है।
रायपुर। केंद्र सरकार द्वारा घोषित पद्मश्री पुरस्कारों में इस बार छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल को विशेष पहचान मिली है। समाजसेवा और चिकित्सा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए बस्तर से जुड़े तीन विभूतियों को पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया है। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खुशी जाहिर करते हुए इसे पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय बताया है और सभी सम्मानित व्यक्तित्वों को बधाई दी है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बस्तर जैसी कठिन और दुर्गम परिस्थितियों में निरंतर सेवा कार्य करना आसान नहीं होता, लेकिन इन विभूतियों ने अपने समर्पण और सेवा भाव से यह साबित कर दिया कि सच्ची लगन के सामने हर चुनौती छोटी पड़ जाती है। उन्होंने कहा कि पद्मश्री से सम्मानित होना न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह पूरे बस्तर और छत्तीसगढ़ की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती देता है।
बस्तर की ‘बड़ी दीदी’ बुधरी ताती को समाजसेवा के लिए पद्मश्री
दक्षिण बस्तर के अबूझमाड़ क्षेत्र की रहने वाली बुधरी ताती, जिन्हें लोग स्नेहपूर्वक ‘बड़ी दीदी’ के नाम से जानते हैं, को समाजसेवा के क्षेत्र में पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। बुधरी ताती पिछले करीब चार दशकों से आदिवासी समाज के उत्थान के लिए लगातार काम कर रही हैं। उन्होंने अपना पूरा जीवन आदिवासी बच्चियों की शिक्षा, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और बुजुर्गों की सेवा के लिए समर्पित कर दिया है।
पद्मश्री पुरस्कारों की घोषणा में बस्तर अंचल का परचम लहराया है। समाजसेवा के क्षेत्र में बस्तर की ‘बड़ी दीदी’ बुधरी ताती और चिकित्सा सेवा के लिए डॉ. रामचंद्र गोडबोले एवं डॉ. सुनीता गोडबोले को पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय बताया है।
रायपुर। केंद्र सरकार द्वारा घोषित पद्मश्री पुरस्कारों में इस बार छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल को विशेष पहचान मिली है। समाजसेवा और चिकित्सा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए बस्तर से जुड़े तीन विभूतियों को पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया है। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खुशी जाहिर करते हुए इसे पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय बताया है और सभी सम्मानित व्यक्तित्वों को बधाई दी है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बस्तर जैसी कठिन और दुर्गम परिस्थितियों में निरंतर सेवा कार्य करना आसान नहीं होता, लेकिन इन विभूतियों ने अपने समर्पण और सेवा भाव से यह साबित कर दिया कि सच्ची लगन के सामने हर चुनौती छोटी पड़ जाती है। उन्होंने कहा कि पद्मश्री से सम्मानित होना न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह पूरे बस्तर और छत्तीसगढ़ की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती देता है।
बस्तर की ‘बड़ी दीदी’ बुधरी ताती को समाजसेवा के लिए पद्मश्री
दक्षिण बस्तर के अबूझमाड़ क्षेत्र की रहने वाली बुधरी ताती, जिन्हें लोग स्नेहपूर्वक ‘बड़ी दीदी’ के नाम से जानते हैं, को समाजसेवा के क्षेत्र में पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। बुधरी ताती पिछले करीब चार दशकों से आदिवासी समाज के उत्थान के लिए लगातार काम कर रही हैं। उन्होंने अपना पूरा जीवन आदिवासी बच्चियों की शिक्षा, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और बुजुर्गों की सेवा के लिए समर्पित कर दिया है।



