शिक्षक भर्ती साझा मंच, छत्तीसगढ़* 57,000 शिक्षक भर्ती की मांग पर राज्य स्तरीय पदयात्रा (महारैली
January 18, 2026
ब्यूरोचीफ
मुख्य संपादक, रायपुर
17 जनवरी को 57,000 शिक्षक भर्ती अविलंब पूरी करने व सभी विषयों के पोस्ट जारी करने की मांग पर शिक्षक भर्ती साझा मंच, प्रांतीय समिति द्वारा चरोदा भिलाई से नारेबाजी करते हुए रैली शुरू की गई। इसके पश्चात रैली को रायपुर अंबेडकर चौक तक पहुंचना था लेकिन जजंगिरी के नजदीक पुलिस द्वारा आगे बढ़ने से रोक दिया गया। जहां पुलिस के साथ झड़प भी हुई। पुलिस द्वारा रोक लिए जाने पर बी एड अभ्यर्थियों द्वारा भाजपा सरकार का घोषणा पत्र जलाया गया। जिस पर पुलिस के द्वारा पानी फेंक दिया गया। इस प्रकार शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक रूप से चल रहे आंदोलन को पुलिस के द्वारा बर्बाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई। घोषणा पत्र को दोबारा जलाया गया और शपथ ली गई की शिक्षा विरोधी – शिक्षक विरोधी राज्य की भाजपा सरकार को आज के बाद जीवनभर कभी वोट नहीं देंगे। अंत में एसडीएम को मांग पत्र सौंपा गया।
ज्ञात हो कि राज्य में छात्र-युवा वर्ग, रिक्त पड़े हजारों शिक्षकों के पदों को न भरे जाने के चलते भारी समस्या का सामना कर रहा है। सिर्फ छात्र युवा ही नही बल्कि शिक्षा से जुड़े शिक्षाविद अभिभावक एवं तमाम शिक्षा प्रेमी इस बात से परेशान हैं कि राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में हजारों शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक पद खाली पड़े हैं। हमारी लचर शिक्षा व्यवस्था का प्रमुख कारण भी यही है। जिसे सुधारने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाने की जरूरत है।
पिछले विधानसभा चुनाव में पूर्व छत्तीसगढ़ भाजपा के द्वारा मोदी की गारंटी के नाम पर 2 वर्ष में 57,000 शिक्षक भर्ती की घोषणा हुई तथा पूर्व शिक्षा मंत्री जी ने अपने चुनावी घोषणा पत्र 2023-2024 में 33 हजार रिक्त पदों पर शिक्षक भर्ती करने का वादा किया था। लेकिन छात्र युवाओं के साथ धोखा हुआ। चुनाव के समय किये गए इस वादे को पूरा न करके जुमले की तरह टाल दिया गया।
छत्तीसगढ़ सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बात करती है। लेकिन यह गुणवत्ता की बात सिर्फ कागजों एवं फाइलों तक रह गई है। जहां जरूरत है अधिक से अधिक सरकारी स्कूल खोलने एवं शिक्षकों के रिक्त सभी पदों को भरने की तो सरकार युक्तियुक्तकरण के नाम पर 10,463 सरकारी स्कूलों को एवं शिक्षकों के 44 हजार से अधिक रिक्त पदों की खत्म कर रही है। जो कि पूर्ण रूप से आम छात्र एवं आम जनता के साथ धोखा और अन्याय है। जिसके खिलाफ राज्य में छात्र युवा लंबे समय से शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर अपनी आवाज उठा रहे हैं।
मांगें
1. सभी विषयों को शामिल कर 57,000 पदों पर तत्काल शिक्षक भर्ती की जाए।
2. भर्ती का नोटिफिकेशन इसी वित्तीय वर्ष में किया जाए।
3. 10,463 सरकारी स्कूलों को मर्ज करने की नीति वापस ली जाए।
4. व्यायाम शिक्षक की भर्ती प्राथमिक और हाई स्कूल दोनों स्तर में किया जाए।
5. व्यायाम व कला शिक्षक प्रत्येक स्कूल में अनिवार्यb किये जायें।
6. कला संकाय व्याख्याता में भर्ती 14 साल से नहीं आई है। हिन्दी, संस्कृत, राजनीति विज्ञान, इतिहास भूगोल, अर्थशास्त्र विषयों को भर्ती में शामिल किया जाए।
7. युक्तियुक्तकरण की नीति वापस ली जाए।
निवेदक
संयोजक मंडल
शिक्षक भर्ती साझा मंच, प्रांतीय समिति, छत्तीसगढ़
मुख्य संपादक, रायपुर
17 जनवरी को 57,000 शिक्षक भर्ती अविलंब पूरी करने व सभी विषयों के पोस्ट जारी करने की मांग पर शिक्षक भर्ती साझा मंच, प्रांतीय समिति द्वारा चरोदा भिलाई से नारेबाजी करते हुए रैली शुरू की गई। इसके पश्चात रैली को रायपुर अंबेडकर चौक तक पहुंचना था लेकिन जजंगिरी के नजदीक पुलिस द्वारा आगे बढ़ने से रोक दिया गया। जहां पुलिस के साथ झड़प भी हुई। पुलिस द्वारा रोक लिए जाने पर बी एड अभ्यर्थियों द्वारा भाजपा सरकार का घोषणा पत्र जलाया गया। जिस पर पुलिस के द्वारा पानी फेंक दिया गया। इस प्रकार शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक रूप से चल रहे आंदोलन को पुलिस के द्वारा बर्बाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई। घोषणा पत्र को दोबारा जलाया गया और शपथ ली गई की शिक्षा विरोधी – शिक्षक विरोधी राज्य की भाजपा सरकार को आज के बाद जीवनभर कभी वोट नहीं देंगे। अंत में एसडीएम को मांग पत्र सौंपा गया।
ज्ञात हो कि राज्य में छात्र-युवा वर्ग, रिक्त पड़े हजारों शिक्षकों के पदों को न भरे जाने के चलते भारी समस्या का सामना कर रहा है। सिर्फ छात्र युवा ही नही बल्कि शिक्षा से जुड़े शिक्षाविद अभिभावक एवं तमाम शिक्षा प्रेमी इस बात से परेशान हैं कि राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में हजारों शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक पद खाली पड़े हैं। हमारी लचर शिक्षा व्यवस्था का प्रमुख कारण भी यही है। जिसे सुधारने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाने की जरूरत है।
पिछले विधानसभा चुनाव में पूर्व छत्तीसगढ़ भाजपा के द्वारा मोदी की गारंटी के नाम पर 2 वर्ष में 57,000 शिक्षक भर्ती की घोषणा हुई तथा पूर्व शिक्षा मंत्री जी ने अपने चुनावी घोषणा पत्र 2023-2024 में 33 हजार रिक्त पदों पर शिक्षक भर्ती करने का वादा किया था। लेकिन छात्र युवाओं के साथ धोखा हुआ। चुनाव के समय किये गए इस वादे को पूरा न करके जुमले की तरह टाल दिया गया।
छत्तीसगढ़ सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बात करती है। लेकिन यह गुणवत्ता की बात सिर्फ कागजों एवं फाइलों तक रह गई है। जहां जरूरत है अधिक से अधिक सरकारी स्कूल खोलने एवं शिक्षकों के रिक्त सभी पदों को भरने की तो सरकार युक्तियुक्तकरण के नाम पर 10,463 सरकारी स्कूलों को एवं शिक्षकों के 44 हजार से अधिक रिक्त पदों की खत्म कर रही है। जो कि पूर्ण रूप से आम छात्र एवं आम जनता के साथ धोखा और अन्याय है। जिसके खिलाफ राज्य में छात्र युवा लंबे समय से शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर अपनी आवाज उठा रहे हैं।
मांगें
1. सभी विषयों को शामिल कर 57,000 पदों पर तत्काल शिक्षक भर्ती की जाए।
2. भर्ती का नोटिफिकेशन इसी वित्तीय वर्ष में किया जाए।
3. 10,463 सरकारी स्कूलों को मर्ज करने की नीति वापस ली जाए।
4. व्यायाम शिक्षक की भर्ती प्राथमिक और हाई स्कूल दोनों स्तर में किया जाए।
5. व्यायाम व कला शिक्षक प्रत्येक स्कूल में अनिवार्यb किये जायें।
6. कला संकाय व्याख्याता में भर्ती 14 साल से नहीं आई है। हिन्दी, संस्कृत, राजनीति विज्ञान, इतिहास भूगोल, अर्थशास्त्र विषयों को भर्ती में शामिल किया जाए।
7. युक्तियुक्तकरण की नीति वापस ली जाए।
निवेदक
संयोजक मंडल
शिक्षक भर्ती साझा मंच, प्रांतीय समिति, छत्तीसगढ़



