डर से घर के पीछे फेंकी रिश्वत की रकम, SDM कार्यालय का बाबू ACB के शिकंजे में, 1 लाख की रिश्वत लेते रंगेहाथ…
January 2, 2026
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ स्थित एसडीएम कार्यालय में पदस्थ एक क्लर्क को बिलासपुर एसीबी की टीम ने 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी क्लर्क जमीन के नामांतरण से जुड़ी शिकायत को रद्द करने के बदले रिश्वत की मांग कर रहा था
जानकारी के मुताबिक, आरोपी बाबू ने शिकायतकर्ता को डराने के लिए जमीन की रजिस्ट्री को गलत बताते हुए कानूनी कार्रवाई की धमकी दी थी। एसीबी की कार्रवाई से घबराकर क्लर्क ने रिश्वत की रकम अपने सरकारी आवास के पीछे फेंक दी, लेकिन टीम ने रकम बरामद कर ली।
जमीन ट्रांसफर के नाम पर मांगी थी रिश्वत
मामला ग्राम अमलीटिकरा निवासी राजू कुमार यादव से जुड़ा है। राजू ने 24 दिसंबर 2025 को बिलासपुर एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसने ग्राम अमलीटिकरा में एक जमीन खरीदी थी, जिसकी रजिस्ट्री विधिवत उसके नाम हो चुकी थी। इसके बावजूद एसडीएम कार्यालय में पदस्थ क्लर्क अनिल कुमार चेलक ने उसे कार्यालय बुलाकर कहा कि जमीन की रजिस्ट्री गलत तरीके से हुई है और उसके व विक्रेता के खिलाफ शिकायत दर्ज है।
शिकायत रद्द करने के बदले मांगे 2 लाख
क्लर्क ने शिकायत को खत्म कराने के एवज में 2 लाख रुपए की रिश्वत मांगी। पीड़ित ने रिश्वत देने के बजाय एसीबी से संपर्क किया। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर एसीबी ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई।
1 लाख लेते ही दबोचा गया बाबू
2 जनवरी 2026 को एसीबी ने शिकायतकर्ता को 1 लाख रुपए देकर आरोपी के धरमजयगढ़ स्थित सरकारी आवास भेजा। जैसे ही क्लर्क ने पैसे लिए, उसे शक हुआ और उसने दरवाजा बंद कर लिया। इसी दौरान एसीबी टीम ने दबिश दी। घबराए बाबू ने रकम पीछे फेंक दी, जिसे एसीबी ने बरामद कर लिया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज
एसीबी ने आरोपी अनिल कुमार चेलक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
एसीबी बिलासपुर के डीएसपी अजितेश सिंह ने बताया कि यह वर्ष 2026 की छत्तीसगढ़ में एसीबी की पहली बड़ी ट्रैप कार्रवाई है। उन्होंने कहा कि भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
गौरतलब है कि इससे पहले वर्ष 2025 में भी 2 जनवरी को जांजगीर जिले में हथकरघा विभाग के निरीक्षक को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था।
जानकारी के मुताबिक, आरोपी बाबू ने शिकायतकर्ता को डराने के लिए जमीन की रजिस्ट्री को गलत बताते हुए कानूनी कार्रवाई की धमकी दी थी। एसीबी की कार्रवाई से घबराकर क्लर्क ने रिश्वत की रकम अपने सरकारी आवास के पीछे फेंक दी, लेकिन टीम ने रकम बरामद कर ली।
जमीन ट्रांसफर के नाम पर मांगी थी रिश्वत
मामला ग्राम अमलीटिकरा निवासी राजू कुमार यादव से जुड़ा है। राजू ने 24 दिसंबर 2025 को बिलासपुर एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसने ग्राम अमलीटिकरा में एक जमीन खरीदी थी, जिसकी रजिस्ट्री विधिवत उसके नाम हो चुकी थी। इसके बावजूद एसडीएम कार्यालय में पदस्थ क्लर्क अनिल कुमार चेलक ने उसे कार्यालय बुलाकर कहा कि जमीन की रजिस्ट्री गलत तरीके से हुई है और उसके व विक्रेता के खिलाफ शिकायत दर्ज है।
शिकायत रद्द करने के बदले मांगे 2 लाख
क्लर्क ने शिकायत को खत्म कराने के एवज में 2 लाख रुपए की रिश्वत मांगी। पीड़ित ने रिश्वत देने के बजाय एसीबी से संपर्क किया। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर एसीबी ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई।
1 लाख लेते ही दबोचा गया बाबू
2 जनवरी 2026 को एसीबी ने शिकायतकर्ता को 1 लाख रुपए देकर आरोपी के धरमजयगढ़ स्थित सरकारी आवास भेजा। जैसे ही क्लर्क ने पैसे लिए, उसे शक हुआ और उसने दरवाजा बंद कर लिया। इसी दौरान एसीबी टीम ने दबिश दी। घबराए बाबू ने रकम पीछे फेंक दी, जिसे एसीबी ने बरामद कर लिया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज
एसीबी ने आरोपी अनिल कुमार चेलक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
एसीबी बिलासपुर के डीएसपी अजितेश सिंह ने बताया कि यह वर्ष 2026 की छत्तीसगढ़ में एसीबी की पहली बड़ी ट्रैप कार्रवाई है। उन्होंने कहा कि भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
गौरतलब है कि इससे पहले वर्ष 2025 में भी 2 जनवरी को जांजगीर जिले में हथकरघा विभाग के निरीक्षक को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था।



