लखराम में श्रीरामकथा व शिव शक्ति महायज्ञ 4 जनवरी से आस्था का अद्भुत महापर्व कि कार्यक्रम मे जुटे ग्रामवासी एवं श्रद्धालुजन
January 2, 2026
रतनपुर :- ग्राम पंचायत लखराम में इस वर्ष श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत समागम होने जा रहा है। 4 जनवरी से 13 जनवरी 2026 तक आयोजित श्री रामकथा एवं शिव शक्ति महायज्ञ में राम भक्ति की गूंज और शिव साधना का माहात्म्य एक साथ दिखाई देगा। इस कार्यक्रम मे श्रद्धालु भक्त गण तैयारी में जुटे हुए हैं
भव्य कथा स्थल ‘बाजार चौक, लखराम’ में प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से राम कथा आरंभ होगी। कथा वाचन स्वामी श्री महामंडलेश्वर अनंत श्री विभूषित स्वामी आत्मानंद गिरि जी महाराज पंचदशनाम जूना अखाड़ा मध्यप्रदेश जी के मुखार बृन्द से किया जायेगा
आयोजकों के अनुसार, भगवान श्रीराम के जीवन आदर्श—मर्यादा, त्याग, सेवा और सच्चाई—आज के समाज के लिए प्रेरणा हैं। शिव-शक्ति महायज्ञ के साथ रामकथा का यह आयोजन न केवल धार्मिक उत्सव है, बल्कि लोगों के जीवन में शांति, सद्भाव और सकारात्मकता भरने का प्रयास भी है।
ग्रामीणजनो का कहना है कि लंबे समय बाद इतने बड़े स्तर पर यह आध्यात्मिक आयोजन हो रहा है। सभी वर्गों के लोग तैयारी में जुटे हैं—कहीं सजावट, कहीं व्यवस्था, तो कहीं स्वागत की तैयारियाँ। श्रद्धालु भावुक होकर कहते हैं—“यह केवल कार्यक्रम नहीं, हमारे गाँव का सौभाग्य है।”
आयोजकों ने अधिक से अधिक भक्तजनों से सपरिवार उपस्थित होकर कथा श्रवण व यज्ञ में सहभागी बनने की अपील की है, ताकि यह महोत्सव ग्राम और समाज के जीवन में नई ऊर्जा, शांति और सद्भाव का संदेश दे सके।
भव्य कथा स्थल ‘बाजार चौक, लखराम’ में प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से राम कथा आरंभ होगी। कथा वाचन स्वामी श्री महामंडलेश्वर अनंत श्री विभूषित स्वामी आत्मानंद गिरि जी महाराज पंचदशनाम जूना अखाड़ा मध्यप्रदेश जी के मुखार बृन्द से किया जायेगा
आयोजकों के अनुसार, भगवान श्रीराम के जीवन आदर्श—मर्यादा, त्याग, सेवा और सच्चाई—आज के समाज के लिए प्रेरणा हैं। शिव-शक्ति महायज्ञ के साथ रामकथा का यह आयोजन न केवल धार्मिक उत्सव है, बल्कि लोगों के जीवन में शांति, सद्भाव और सकारात्मकता भरने का प्रयास भी है।
ग्रामीणजनो का कहना है कि लंबे समय बाद इतने बड़े स्तर पर यह आध्यात्मिक आयोजन हो रहा है। सभी वर्गों के लोग तैयारी में जुटे हैं—कहीं सजावट, कहीं व्यवस्था, तो कहीं स्वागत की तैयारियाँ। श्रद्धालु भावुक होकर कहते हैं—“यह केवल कार्यक्रम नहीं, हमारे गाँव का सौभाग्य है।”
आयोजकों ने अधिक से अधिक भक्तजनों से सपरिवार उपस्थित होकर कथा श्रवण व यज्ञ में सहभागी बनने की अपील की है, ताकि यह महोत्सव ग्राम और समाज के जीवन में नई ऊर्जा, शांति और सद्भाव का संदेश दे सके।



