एमओयू के तहत अंतर विश्वविद्यालयीन छात्र बैठक का आयोजन
December 16, 2025
(मैट्स विश्वविद्यालय और गुरुघासीदास विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान से जल्द ही छत्तीसगढ़ में शोध परियोजनाओं की करेंगे आगाज़)
15 दिसंबर, 2025 को गुरु घासीदास विश्वविद्यालय (जीजीवी), बिलासपुर और मैट्स विश्वविद्यालय के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत एक अंतर-विश्वविद्यालयीन और अन्तर सांस्कृतिक छात्र बैठक का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बीएसडब्ल्यू और एमएसडब्ल्यू के छात्रों, पीएचडी शोधकर्ताओं और दोनों संस्थानों के संकाय सदस्यों सहित लगभग 60 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
इस सत्र की शुरुआत डॉ. अर्चना यादव, विभागाध्यक्ष, समाज कार्य विभाग, जीजीवी ने की, जिन्होंने एमओयू की पृष्ठभूमि और उद्देश्य को संक्षेप में प्रस्तुत किया। इसके बाद डॉ. दीना नाथ यादव, विभागाध्यक्ष, समाज कार्य विभाग, मैट्स विश्वविद्यालय ने एमओयू के महत्व चर्चा करते हुए बताया कि यह एमओयू अध्ययन अध्यापन के साथ शोधकार्य के उच्चतम मापदंड को स्वीकार्य में सहयोग प्रदान करेगी। संयुक्त पहल से राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी व विभिन्न परियोजनाओं का आयोजन किया जाएगा। इसक्रम में डॉ यादव ने अपनी पुस्तक “समुदाय संगठन में समाज कार्य” से अंतर्दृष्टि साझा की।
डॉ. सस्मिता पटेल और डॉ. संध्या त्रिपाठी, एसोसिएट प्रोफेसर, गुरुघासीदास विश्वविद्यालय ने एमओयू पर अपने विचार साझा किए और शैक्षिक और क्षेत्र-आधारित दृष्टिकोणों से चर्चा को समृद्ध किया। आभार के रूप में, मैट्स विश्वविद्यालय रायपुर द्वारा समाज कार्य विभाग, गुरुघासीदास विश्वविद्यालय को “Community Organization in Social Work” स्वलिखित पुस्तक की एक प्रति भेंट की।
मैट्स विश्वविद्यालय के प्रतिभागी छात्रों की ओर से, पीएचडी शोधकर्ता (समाज कार्य) सुश्री संगीता साहू ने इस संयुक्त पहल को विद्यार्थियों शोधार्थियों के लिए लाभकारी प्रेरणादायक महत्वकांक्षी योजना के रूप में बताया, जिसमें छात्रों के सीखने के अनुभव और क्षेत्र से सीखने को जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। अन्य पूर्व छात्रों और छात्रों में झम मंडले, श्री विवेक कश्यप, मानसी सिंह और मुस्कान सिंह, गुरू घासीदास विश्वविद्यालय राखी यादव, श्रुति केशवानी, टैमी कोडरमा, संगीता यादव तेजस्वी व विभाग के अन्य सभी विद्यार्थी शामिल थे।
कार्यक्रम का समापन गुरुघासीदास विश्वविद्यालय द्वारा मैट्स विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्ष और छात्रों का सम्मान स्मृति चिन्ह प्रदान की गई। इसके बाद डॉ. संदीप कुमार मोरिशेट्टी, सहायक प्रोफेसर, समाज कार्य विभाग ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया।
15 दिसंबर, 2025 को गुरु घासीदास विश्वविद्यालय (जीजीवी), बिलासपुर और मैट्स विश्वविद्यालय के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत एक अंतर-विश्वविद्यालयीन और अन्तर सांस्कृतिक छात्र बैठक का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बीएसडब्ल्यू और एमएसडब्ल्यू के छात्रों, पीएचडी शोधकर्ताओं और दोनों संस्थानों के संकाय सदस्यों सहित लगभग 60 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
इस सत्र की शुरुआत डॉ. अर्चना यादव, विभागाध्यक्ष, समाज कार्य विभाग, जीजीवी ने की, जिन्होंने एमओयू की पृष्ठभूमि और उद्देश्य को संक्षेप में प्रस्तुत किया। इसके बाद डॉ. दीना नाथ यादव, विभागाध्यक्ष, समाज कार्य विभाग, मैट्स विश्वविद्यालय ने एमओयू के महत्व चर्चा करते हुए बताया कि यह एमओयू अध्ययन अध्यापन के साथ शोधकार्य के उच्चतम मापदंड को स्वीकार्य में सहयोग प्रदान करेगी। संयुक्त पहल से राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी व विभिन्न परियोजनाओं का आयोजन किया जाएगा। इसक्रम में डॉ यादव ने अपनी पुस्तक “समुदाय संगठन में समाज कार्य” से अंतर्दृष्टि साझा की।
डॉ. सस्मिता पटेल और डॉ. संध्या त्रिपाठी, एसोसिएट प्रोफेसर, गुरुघासीदास विश्वविद्यालय ने एमओयू पर अपने विचार साझा किए और शैक्षिक और क्षेत्र-आधारित दृष्टिकोणों से चर्चा को समृद्ध किया। आभार के रूप में, मैट्स विश्वविद्यालय रायपुर द्वारा समाज कार्य विभाग, गुरुघासीदास विश्वविद्यालय को “Community Organization in Social Work” स्वलिखित पुस्तक की एक प्रति भेंट की।
मैट्स विश्वविद्यालय के प्रतिभागी छात्रों की ओर से, पीएचडी शोधकर्ता (समाज कार्य) सुश्री संगीता साहू ने इस संयुक्त पहल को विद्यार्थियों शोधार्थियों के लिए लाभकारी प्रेरणादायक महत्वकांक्षी योजना के रूप में बताया, जिसमें छात्रों के सीखने के अनुभव और क्षेत्र से सीखने को जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। अन्य पूर्व छात्रों और छात्रों में झम मंडले, श्री विवेक कश्यप, मानसी सिंह और मुस्कान सिंह, गुरू घासीदास विश्वविद्यालय राखी यादव, श्रुति केशवानी, टैमी कोडरमा, संगीता यादव तेजस्वी व विभाग के अन्य सभी विद्यार्थी शामिल थे।
कार्यक्रम का समापन गुरुघासीदास विश्वविद्यालय द्वारा मैट्स विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्ष और छात्रों का सम्मान स्मृति चिन्ह प्रदान की गई। इसके बाद डॉ. संदीप कुमार मोरिशेट्टी, सहायक प्रोफेसर, समाज कार्य विभाग ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया।



