धान खरीदी को लेकर सदन में घमासान, विपक्ष ने किया कार्रवाई का बहिष्कार, नेता प्रतिपक्ष बोले, सरकार नहीं खरीदना चाहती है धान

धान खरीदी को लेकर सदन में घमासान, विपक्ष ने किया कार्रवाई का बहिष्कार, नेता प्रतिपक्ष बोले, सरकार नहीं खरीदना चाहती है धान

December 15, 2025 0 By Ajeet Yadav
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में धान खरीदी की अव्यवस्था को लेकर विपक्ष ने जोरदार विरोध दर्ज कराते हुए सदन का बहिष्कार किया। प्रश्नकाल के दौरान विपक्षी विधायकों ने सरकार पर किसानों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया और धान खरीदी व्यवस्था को पूरी तरह विफल बताया। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य सरकार धान खरीदना ही नहीं चाहती।

डॉ. महंत ने कहा कि यह किसी से छिपा नहीं है कि प्रदेश भर के धान खरीदी केंद्रों में भारी अव्यवस्था फैली हुई है। किसानों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है, लेकिन उनकी उपज की समय पर खरीदी नहीं हो पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर ऐसी स्थिति बना रही है, ताकि किसान परेशान हों। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार द्वारा पेश किया गया ‘विजन 2047’ छत्तीसगढ़ के हित में नहीं है।

नेता प्रतिपक्ष ने ‘विजन 2047’ पर हमला बोलते हुए कहा कि यह दस्तावेज औद्योगिक घरानों के लिए बनाया गया है, न कि छत्तीसगढ़ के किसानों और आम लोगों के लिए। डॉ. महंत का कहना था कि ‘विजन 2047’ से छत्तीसगढ़ का भला नहीं होने वाला है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस विजन को बनाने वाले लोग छत्तीसगढ़ के नहीं हैं, बल्कि बाहर के लोग हैं, जिन्हें राज्य की वास्तविक समस्याओं और जमीनी हकीकत की कोई समझ नहीं है।

इस पूरे मामले में सदन में एक दिलचस्प राजनीतिक दृश्य भी देखने को मिला। विपक्ष की भूमिका में वरिष्ठ भाजपा विधायक अजय चंद्राकर नजर आए। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि धान खरीदी अव्यवस्था के मुद्दे पर अजय चंद्राकर ने जो बातें कहीं, वही विपक्ष की वास्तविक आवाज थीं। उन्होंने कहा, “विपक्ष का रोल अजय चंद्राकर ने निभाया, इसके लिए मैं उन्हें बधाई देता हूं। उन्होंने जो बातें रखीं, वह हमारी ही आवाज थी।”

धान खरीदी की अव्यवस्था को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार किसानों का धान खरीदना नहीं चाहती। भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि सहकारी समितियों से धान का समय पर उठाव नहीं किया जा रहा है। उन्होंने इसे सरकार की सोची-समझी साजिश बताते हुए कहा कि जब सरकार धान नहीं खरीदना चाहती, तो ऐसी ही अव्यवस्था फैलती है। भूपेश बघेल ने कहा कि तथाकथित डबल इंजन की सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है।

इसी दौरान भाजपा संगठन में हुए बदलाव पर भी सियासी बयानबाजी देखने को मिली। भाजपा ने छत्तीसगढ़ के प्रभारी नितिन नबीन को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा की है। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चुटकी लेते हुए कहा कि नितिन नबीन का कार्यकारी अध्यक्ष बनना कांग्रेस के लिए शुभ संकेत है। उन्होंने कहा कि जब नितिन गडकरी छत्तीसगढ़ के प्रभारी बने थे, तब केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनी थी।

भूपेश बघेल ने आगे कहा कि यह दूसरा नितिन है, जो छत्तीसगढ़ आया है और इसका मतलब साफ है कि आने वाले समय में एक बार फिर केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनने वाली है। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।