कलेक्टर व्यास ने बच्चों को पढ़ाया इतिहास के पानीपत युद्ध का पाठ एकलव्य विद्यालय सुखरापारा में बच्चों से की सीधी बातचीत विद्यालय के सुचारू संचालन के लिए व्यवस्थाओं में सुधार के दिए आवश्यक निर्देश

कलेक्टर व्यास ने बच्चों को पढ़ाया इतिहास के पानीपत युद्ध का पाठ एकलव्य विद्यालय सुखरापारा में बच्चों से की सीधी बातचीत विद्यालय के सुचारू संचालन के लिए व्यवस्थाओं में सुधार के दिए आवश्यक निर्देश

December 10, 2025 0 By Ajeet Yadav
संवाददाता चंद्रभान यादव

जशपुर । कलेक्टर रोहित व्यास ने आज पत्थलगांव क्षेत्र के सुखरापारा पहुंचकर एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने न केवल व्यवस्थाओं का जायजा लिया, बल्कि खुद इतिहास के शिक्षक बनकर बच्चों को पानीपत के तीसरे युद्ध का महत्वपूर्ण पाठ भी पढ़ाया। निरीक्षण के बीच आठवीं कक्षा में पहुंचे कलेक्टर श्री व्यास ने विद्यार्थियों से पढ़ाई, रहने और भोजन व्यवस्था की जानकारी लेने के बाद उनसे इतिहास विषय पर चर्चा की। उन्होंने बच्चों को विस्तार से बताया कि पानीपत का तीसरा युद्ध मराठा एवं अफगान सेना के बीच 1761 में लड़ा गया था, जिसके परिणाम स्वरूप भारतीय सत्ता संरचना में बड़ा बदलाव आया और अंग्रेजों के वर्चस्व का मार्ग प्रशस्त हुआ। बच्चे कलेक्टर की ऐतिहासिक व्याख्या को बड़े ध्यान से सुनते रहे। निरीक्षण के दौरान सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग श्री संजय सिंह, एसडीएम श्री ऋतुराज सिंह बिसेन सहित विद्यालय के प्राचार्य एवं शिक्षकगण मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री व्यास ने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, लैब, लाइब्रेरी, किचन, डाइनिंग हॉल और छात्रावास का भी बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने लाइब्रेरी में आवश्यक पुस्तकें बढ़ाने, विज्ञान प्रयोगशाला को आवश्यक उपकरणों सहित सुव्यवस्थित रूप से संचालित करने और विद्यार्थियों को प्रोटीन युक्त संतुलित आहार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। किचन में भोजन बनाने में मदद हेतु उपलब्ध मशीनों का समुचित उपयोग सुनिश्चित करने और छात्रावास के प्रत्येक कमरे में बच्चों के पढ़ाई के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध रखने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि विद्यार्थियों की पढ़ाई किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जलापूर्ति से जुड़ी समस्या सामने आने पर विद्यालय परिसर में निरंतर, स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने अधिकारियों को निर्देशित किया। विद्यालय में कक्षा 6 से 12वीं तक लगभग 360 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। उन्होंने जिले के अधिक से अधिक बच्चे एकलव्य विद्यालय में पढ़ाई करे, इसके लिए जिले के अन्य स्कूलों के बच्चों को प्रवेश परीक्षा की अच्छे से तैयारी करवाने के भी निर्देश दिए।