पराली में आग लगाना पड़ा महंगा,किसान का फसल जलकर राख,लाखों का नुकसान

पराली में आग लगाना पड़ा महंगा,किसान का फसल जलकर राख,लाखों का नुकसान

December 8, 2025 0 By Ajeet Yadav
(कानूनी कार्रवाई के बाद भी खेतों में पैरा जला दिया जाता है पर आज तक किसी भी शिकायत पर कार्रवाई नहीं)

जितेन्द्र तिवारी जांजगीर चांपा

बिर्रा -छत्तीसगढ़ में जहां एक ओर पराली जलाने पर पाबंदी लगा दी गई है, वहीं दूसरी ओर किसान अंधाधुन अपने खेतों में पराली को आग के हवाले कर रहे हैं। ताज़ा मामला
बम्हनीडीह विकासखण्ड के गोविन्दा-करनौद में किसी अज्ञात किसानों ने पराली में आग लगाकर छोड़ दिया।तेज हवा के कारण आग दूसरे खेतों में रखे धान की फसल की अपनी चपेट में ले लिया और धान की फसल जलकर राख हो गयी। किसानों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक फसल पूरी तरह जलकर राख हो गयी। मिली जानकारी के अनुसार बम्हनीडीह ब्लॉक के गोविन्दा-करनौद में अज्ञात किसानों ने खेतों में पराली जलाकर छोड़ दिया।जिससे आग बेकाबू हो गई और आग आसपास के खेतों में फैल गई। देखते ही देखते आग जयशंकर देवांगन के खेत में फैल गया जिससे धान की फसल जलकर राख हो गयी।वहीं फसल में आग लगने की सूचना मिलते ही स्थानीय किसान और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया लेकिन तब तक धान की पूरी फसल जलकर नष्ट हो चुकी थी, जिससे किसान को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है।वही अब किसान द्वारा कार्यवाही कि मांग कि जा रही है।

*पराली जलाने पर इतना लगता है जुर्माना पर आज़ तक कार्रवाई के नाम पर शुन्य अपराध दर्ज*
खेत में धान की पराली जलाना भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत गैरकानूनी है। इस धारा के तहत दोषी पाए जाने पर छह महीने का कारावास मामूली 15 हजार रुपए जुर्माने का प्रावधान है। जिससे पुलिस द्वारा भी आज़ तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है जिससे ऐसी घटनाएं नहीं होती।

*पराली नहीं जलाने के ये हैं फायदे*
विज्ञान के अनुसार पराली जलाने से मृदा तापमान में भी इजाफा होता है, जिसका फसलों पर नकारात्मक असर पड़ता है। किसान धान की पराली को मृदा में मिलाकर कार्बनिक खाद बना सकते है और इससे पर्यावरण प्रदूषण को कम करने में सार्थक सहयोग कर सकते हैं।अब देखना होगा कि क्या इस पर कोई कार्रवाई होगी और पीड़ित किसान को किसी प्रकार मदद मिलेगी।