आज राज्य के सभी प्राथमिक शालाओं  में एफ एल एन मेला (Foundational Literacy and Numeracy Mela) आयोजित किया गया।

आज राज्य के सभी प्राथमिक शालाओं  में एफ एल एन मेला (Foundational Literacy and Numeracy Mela) आयोजित किया गया।

November 14, 2025 0 By Ajeet Yadav
इसी तारतम्य में हमारे विद्यालय शा प्रा शाला टेमरी विकासखंड व जिका मुंगेली मे भी एफ एल एन मेला का आयोजन किया। इसकी तैयारी के लिए SCERT द्वारा आनलाईन प्रशिक्षण आयोजित किया गया। राज्य से प्रशिक्षित शिक्षक, जिला स्तर पर, जिला स्तर से विकासखंड व अंत में सभी विद्यालय के शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया। ग्राम सरपंच श्री दिग्विजय सिंह जी द्वारा रिबन‌ काटकर एफ एल एन मेला का शुभारंभ किया गया। श्री रविकांत पुरी गोस्वामी शिक्षक द्वारा एफ एल एन मेला के विषय में पालक व जनप्रतिनिधियों को‌ अवगत कराया गया। एफ एल एन मेला राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत बच्चों में मूलभूत भाषा, गणित एवं पठन-लेखन कौशल विकसित करने के उद्देश्य से लगाया जाता है।
एफ एल एन मेला एक खेल एवं गतिविधि आधारित सीखने का आयोजन है, जिसमें बच्चे विभिन्न स्टॉलों पर जाकर भाषा, गणित, अंग्रेजी, बालवाड़ी गतिविधियों को खेल-खेल में सीखते हैं। यह मेला बच्चों को करके सीखने (Learning by Doing) का अवसर प्रदान करता है।
100% एफ एल एन लक्ष्य प्राप्त करने के लिए एफ एल एन मेला क्यों जरूरी है?
राष्ट्रीय मिशन “निपुण भारत” के अनुसार वर्ष 2026-27 तक सभी बच्चों को कक्षा-3 तक एफ एल एन दक्षता प्राप्त करवाना अनिवार्य है।
एफ एल एन मेला से एफ एल एन के अवधारणा को सीखने की गति तेज करता है। बच्चों के कौशल को मापने का अवसर देता है। शिक्षकों को नवाचार लागू करने का मंच देता है
समुदाय व पालक को विद्यालय से जोड़ता है। इसलिए 100% एफ एल एन लक्ष्य प्राप्त करने के लिए यह मेला अत्यंत आवश्यक है। सीखने सीखाने के लिए बच्चे मेले के विभिन्न स्टॉलों पर—खेल सामग्री, गतिविधि किट, चार्ट, कार्ड, पज़ल, गणितीय उपकरण, चित्र व फ्लैश कार्ड
के माध्यम से सहयोगात्मक तरीके से सहज रूप में सीखते हैं। बच्चे अपनी गति से, बिना दबाव के भाषा, गणित एवं तर्क शक्ति का अभ्यास करते हैं।
स्टाल के माध्यम से भाषा, गणित और अंग्रेजी की अवधारणा खेल-खेल में व रोचक गतिविधियाँ, नियमित मूल्यांकन एवं सीखने का अनुकूल वातावरण प्रदान करता है।
समुदाय : सीखने का माहौल बनाता है, मेले में सहभागी होकर बच्चों का उत्साह बढ़ता है।
पालक : घर पर पढ़ने का समय, वार्तालाप और गतिविधियों में सहयोग देकर बच्चों की सीखने की गति को बढ़ाते हैं।
इन तीनों की संयुक्त भागीदारी ही FLN के 100% लक्ष्य को समय पर प्राप्त करने की कुंजी है।
FLN मेला बच्चों के सर्वांगीण विकास और सीखने की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है। सभी शिक्षकों, पालकों और समुदाय के सहयोग से यह अभियान निश्चित ही सफल होगा।
डाइट से विकासखंड मुंगेली के FLN प्रभारी सर श्री‌‌ शिवकुमार लोनिया जी द्वारा मेला का आनलाईन निरीक्षण कर बच्चों से वार्ता किया गया, बच्चे बड़े उत्साह से मेले के आयोजन के विषय में चर्चा किये।
श्रीमती गायत्री साहू प्रधानपाठक द्वारा आये सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया।