गजरथ यात्रा के माध्यम से 90 स्कूलों के 9800 छात्रों को हाथी के व्यवहार एवं गतिविधि की दी गई जानकारी
October 16, 2025
संवाददाता चंद्रभान यादव
जशपुर। गजरथ यात्रा द्वारा निरंतर स्कूलों में जाकर हाथी के व्यवहार एवं गतिविधि की जानकारी दी जा रही है। जशपुर वनमण्डलाधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार गजरथ यात्रा के माध्यम से अब तक जिले के 90 स्कूलों में 9800 छात्र-छात्राओं को हाथी के व्यवहार एवं गतिविधि की जानकारी दी जा चुकी है। इनमें फरसाबहार, कुनकुरी एवं बगीचा विकासखण्ड अन्तर्गत आने वाले 75 स्कूलों के लगभग 8205 छात्र-छात्राएं एवं पत्थलगांव विकासखण्ड अंतर्गत 15 स्कूलों के 1595 छात्र-छात्राएं शामिल हैं।
वर्तमान में पत्थलगांव विकासखंड में निरंतर गजरथ यात्रा अपना कार्य कर रही है। गजरथ यात्रा हाथी प्रभावित अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में निरंतर दौरा कर रही है। विशेष रूप से हाथी प्रभावित क्षेत्रों के स्कूलों में कक्षा 06 वीं से 12वीं के छात्र-छात्राओं को जानकारी देकर जागरूक करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही गांव के चौपालों में चलचित्र के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीणों में जागरूकता लाने का कार्य करेगी।
उल्लेखनीय है कि गजरथ यात्रा 2025 का शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के द्वारा 21 जून 2025 को किया गया था। इसका उद्देश्य हाथी मानव द्वंद को न्यूनतम करने लोगों में जागरूकता प्रसार करना था। विगत कई वर्षों से जशपुर जिला हाथी विचरण क्षेत्र रहा है एवं हाथियों की उपस्थिति निरंतर बनी हुई है। यहां की भौगोलिक संरचना तथा घने वनक्षेत्र एवं अन्तर्राज्यीय सीमा से लगे होने के कारण कई स्थलों से हाथियों का प्रवेश जशपुर जिले में होता है। जिससे हाथी मानव द्वंद की घटनाएं होने की संभावनाएं बनी रहती है।
जशपुर। गजरथ यात्रा द्वारा निरंतर स्कूलों में जाकर हाथी के व्यवहार एवं गतिविधि की जानकारी दी जा रही है। जशपुर वनमण्डलाधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार गजरथ यात्रा के माध्यम से अब तक जिले के 90 स्कूलों में 9800 छात्र-छात्राओं को हाथी के व्यवहार एवं गतिविधि की जानकारी दी जा चुकी है। इनमें फरसाबहार, कुनकुरी एवं बगीचा विकासखण्ड अन्तर्गत आने वाले 75 स्कूलों के लगभग 8205 छात्र-छात्राएं एवं पत्थलगांव विकासखण्ड अंतर्गत 15 स्कूलों के 1595 छात्र-छात्राएं शामिल हैं।
वर्तमान में पत्थलगांव विकासखंड में निरंतर गजरथ यात्रा अपना कार्य कर रही है। गजरथ यात्रा हाथी प्रभावित अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में निरंतर दौरा कर रही है। विशेष रूप से हाथी प्रभावित क्षेत्रों के स्कूलों में कक्षा 06 वीं से 12वीं के छात्र-छात्राओं को जानकारी देकर जागरूक करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही गांव के चौपालों में चलचित्र के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीणों में जागरूकता लाने का कार्य करेगी।
उल्लेखनीय है कि गजरथ यात्रा 2025 का शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के द्वारा 21 जून 2025 को किया गया था। इसका उद्देश्य हाथी मानव द्वंद को न्यूनतम करने लोगों में जागरूकता प्रसार करना था। विगत कई वर्षों से जशपुर जिला हाथी विचरण क्षेत्र रहा है एवं हाथियों की उपस्थिति निरंतर बनी हुई है। यहां की भौगोलिक संरचना तथा घने वनक्षेत्र एवं अन्तर्राज्यीय सीमा से लगे होने के कारण कई स्थलों से हाथियों का प्रवेश जशपुर जिले में होता है। जिससे हाथी मानव द्वंद की घटनाएं होने की संभावनाएं बनी रहती है।


