जशपुर पुलिस ने सीखा सी.पी.आर. (Cardio Pulmonary Resuscitation) देकर जीवन बचाने का हुनर,

जशपुर पुलिस ने सीखा सी.पी.आर. (Cardio Pulmonary Resuscitation) देकर जीवन बचाने का हुनर,

October 16, 2025 0 By Ajeet Yadav
जागरूकता सप्ताह के तहत् चौथे दिवस में पुलिस अधीक्षक कार्यालय जशपुर में वृहद कार्यक्रम आयोजित कर पुलिस अधि./कर्मचारियों को जागरूक किया गया,

मास्टर ट्रेनर श्री रूपेश कुमार पाणीग्राही एवं सहायक ट्रेनर द्वारा आपात स्थिति में सी.पी.आर. देने की विधियों से अवगत कराया गया,

कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण सत्र में प्रायोगिक प्रदर्शन भी किया गया, जिसमें उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने अभ्यास कर सी.पी.आर. तकनीक को आत्मसात किया।

रिपोर्टर- प्रभा यादव

जशपुर। इंडियन रेडक्राॅस सोसायटी राष्ट्रीय मुख्यालय नई दिल्ली एवं परिवार स्वास्थ्य कल्याण मंत्रालय ने भारतीय रेडक्रास सोसायटी के सहयोग से अधिकारी/कर्मचारीगण, छात्र, सुरक्षा सेवाओं एवं आमजन के बीच जीवन रक्षक कौशल के रूप में सीपीआर के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देष्य से पूरे भारत देश में 13 से 17 अक्टूबर 2025 तक सी.पी.आर. जागरूकता सप्ताह मनाने हेतु निर्देशित किया गया।इसी तारतम्य में आज एसएसपी जशपुर श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में पुलिस अधि./कर्मचारियों को जागरूक करने के उद्देष्य से उक्त कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न थाना/चौकी, पुलिस कार्यालय में कार्यरत अधि./कर्मचारियों को सी.पी.आर. देने की विधि से जागरूक किया गया। कार्यक्रम में जिला रेडक्राॅस अधिकारी एवं मास्टर ट्रेनर श्री रूपेश कुमार पाणीग्राही एवं सहायक ट्रेनर प्र.आर. वृत्तनारायण भगत मुख्य रूप से जानकारी दिये।
मास्टर ट्रेनर श्री रूपेश कुमार पाणीग्राही एवं सहायक ट्रेनर प्र.आर. वृत्तनारायण भगत ने बताया कि *किसी व्यक्ति के सांस या हृदय की गति रुकने पर तुरंत सी.पी.आर. देने से उसके जीवित बचने की संभावना कई गुना बढ़* जाती है।
उन्होंने सी.पी.आर. (Cardio Pulmonary Resuscitation) देने की विधि का प्रायोगिक प्रदर्शन भी किया, जिसमें बताया गया कि :-

1. सबसे पहले व्यक्ति की सांस और नब्ज की जांच करें।
2. यदि सांस नहीं चल रही हो तो व्यक्ति को समतल सतह पर लिटाएं, अगर उसके मुंह में कोई पदार्थ हो तो उसे अच्छे से साफ करें।
3. बांये छाती के बीच वाले हिस्से पर दोनों हाथ रखकर लगभग 100-120 बार प्रति मिनट की गति से दबाव (Compression) दें।
4. प्रत्येक 30 दबाव के बाद दो बार मुंह से सांस (Rescue Breath) दें।
5. यह प्रक्रिया तब तक जारी रखें जब तक व्यक्ति में सांस न लौट आए या चिकित्सकीय मदद न मिल जाए।
6. सी.पी.आर. तुरंत देने से हृदय रुकने या श्वसन बंद होने वाले व्यक्ति के जीवित रहने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।

कर्मचारियों से पूछा गया कि क्या वे अब आपात स्थिति में सीपीआर दे पाएंगे, उनके द्वारा अच्छे से सीपीआर दे सकना बताया गया।कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी एवं उप पुलिस अधीक्षक श्रीमती मंजूलता बाज, रक्षित निरीक्षक अमरजीत खूंटे, निरीक्षक अमित तिवारी सहित अन्य अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि – “सी.पी.आर. देने की विधि हर व्यक्ति को सीखना चाहिए, क्योंकि यह किसी की जान बचाने का सबसे सरल और प्रभावी तरीका है। हर एक व्यक्ति कभी न कभी किसी की जान बचाने वाला बन सकता है, यह प्रशिक्षण हमें केवल तकनीक नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी सिखाता है।