सीएम हाउस घेरने निकले किसानों ने राजधानी में किया प्रदर्शन, धरनास्थल पहुंचे शिक्षा मंत्री यादव, मांगें पूरी करने दिया आश्वासन

सीएम हाउस घेरने निकले किसानों ने राजधानी में किया प्रदर्शन, धरनास्थल पहुंचे शिक्षा मंत्री यादव, मांगें पूरी करने दिया आश्वासन

October 15, 2025 0 By Ajeet Yadav

रायपुर। छत्तीसगढ़ भारतीय किसान संघ के बैनर तले किसानों ने 9 सूत्रीय मांगों को लेकर राजधानी के बूढ़ापारा धरनास्थल पर प्रदर्शन किया। इस दौरान स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव किसानों से चर्चा के लिए पहुंच गए और उनकी मांगों को लेकर आश्वासन दिया है। उन्होंने यह भी वादा किया कि गन्ना किसानों की लंबित राशि का जल्द ही भुगतान कर दिया जाएगा।

छत्तीसगढ़ भारतीय किसान संघ के प्रदेश मंत्री मुकेश चौधरी ने बताया कि सरकार हमारी मांगों को पर ध्यान नहीं दे रही जिसके चलते आज प्रदेश भर के 33 जिलों के हजारों किसान इस प्रदर्शन में पहुंचे हुए हैं। उन्होंने कहा कि हाफ बिजली बिल योजना फिर से लागू किया जाए। नहर और जल की व्यवस्था अंतिम गांव तक पहुंचे।

सीएम हाउस घेरने जाने से पहले पहुंचे मंत्री

मंत्री यादव किसानों के सीएम हाउस घेराव के जाने से पहले ही वहां पहुंच गए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों पर निर्णय लिया जाएगा। धान की कालाबाजारी बंद करने और सहकारी समितियों में भंडारण सुनिश्चित करने का भी आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि गन्ना किसानों को जल्द भुगतान दिया जाएगा। भविष्य में किसानों का सिंचाई का रकबा बढ़ाया जाएगा, और नहरों का पानी अंतिम गांव तक पहुंचे इसकी व्यवस्था की जाएगी।

किसानों ने बिजली बिल हाफ योजना पुन: शुरू करने समेत 9 सूत्रीय मांगों को लेकर यह प्रदर्शन किया था। संघ के प्रदेश अध्यक्ष माधो सिंह, महासचिव नवीन शेष ने नेतृत्व किया। आम आदमी पार्टी ने भी इस आंदोलन का समर्थन किया है। आप पार्टी के नेता विजय कुमार झा ने बताया कि प्रदेश के किसानों को मोदी की गारंटी के विरुद्ध समय पर यूरिया खाद न मिलने, माहों कीड़ा का प्रकोप होने तथा निरंतर वर्षा होने के कारण परेशान है। इन सब परिस्थितियों में किसानों के धान का उत्पादन निश्चित रूप से प्रभावित होगा।


छत्तीसगढ़ भारतीय किसान संघ की ये है 9 सूत्रीय मांग :

घरेलू बिजली पर हाफ बिजली बिल योजना लागू की जाए और कृषि पंपों को 24 घंटे बिजली दी जाए.
पिछले सरकार की धान बोनस की चौथी किश्त की राशि दीपावली के पहले भुगतान किया जाए.
एग्रीस्टैक की विसंगतियों को दूर किया जाए, धान की राशि 3100 रुपए में बढ़ा हुआ समर्थन मूल्य 186 रुपए जोड़ कर दिया जाए और धान खरीदी 1 नवंबर से 15 फरवरी तक की जाए.
धान खरीदी में किसानों से 40 किलो 700 ग्राम धान से अधिक नहीं लिया जाना चाहिए. सभी समितियों में यह अनिवार्य रूप से बैनर के माध्यम से प्रदर्शित किया जाए.
खाद की कालाबाजारी बंद हो इसके लिए सहकारी समितियों में भंडारण सुनिश्चित किया जाए.
प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाया जाए. नहरों के माध्यम से अपनी अंतिम गांव तक पानी पहुंचे.
दलहन तिलहन की खेती पर 20 हजार रुपए का अनुदान दिया जाए. रवि में दलहन तिलहन और मक्का सूरजमुखी की खरीदी की जाए.
कृषक उन्नति योजना में गन्ना फसल को जोड़ा जाए और गन्ने का समर्थन मूल्य 500 रुपए प्रति क्विंटल किया जाए. गन्ना किसानों की बची हुई राशि का शीघ्र भुगतान किया जाए.
जैविक खेती में जो अनुदान भारत सरकार देती है उसे छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों को जल्द प्रदान किया जाए.