ऑपरेशन साइबर शील्ड: देशभर में म्यूल बैंक अकाउंट नेटवर्क का भंडाफोड़, रायपुर रेंज पुलिस की बड़ी कार्रवाई

ऑपरेशन साइबर शील्ड: देशभर में म्यूल बैंक अकाउंट नेटवर्क का भंडाफोड़, रायपुर रेंज पुलिस की बड़ी कार्रवाई

October 5, 2025 0 By Ajeet Yadav
रायपुर-

रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा के निर्देश पर “ऑपरेशन साइबर शील्ड” के तहत एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया गया है, जो म्यूल बैंक अकाउंट्स के माध्यम से देशभर में करोड़ों की मनी लॉन्ड्रिंग में संलिप्त था। इस प्रकरण में पुलिस ने ओडिशा, गुजरात, छत्तीसगढ़ (बिलासपुर व रायपुर) से चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है।


पुलिस की कार्रवाई के दौरान गोल चौक (डगनिया) और कटोरा तालाब स्थित दो फर्जी कार्यालयों में छापेमारी की गई, जिन्हें “जीवन जोड़ी”, “रॉयल रिश्ते” और “ई-रिश्ता” जैसे नामों से मैट्रिमोनियल साइट की आड़ में चलाया जा रहा था। इन साइट्स के ज़रिए लोगों को नकली वर-वधू के फोटो दिखाकर ठगी की जाती थी।

गिरफ्तार आरोपी इस प्रकार हैं:

गजसिंह सुना (32), बलांगीर, ओडिशा

भिखु सचदेव (32), द्वारका, गुजरात

साहिल कौशिक (23), तखतपुर, बिलासपुर

हर्षित शर्मा (18), कटोरा तालाब, रायपुर

इनके पास से 50 मोबाइल फोन, 10 डेस्कटॉप कंप्यूटर, सैकड़ों सिम कार्ड, और 60 से अधिक बैंक किट बरामद किए गए हैं।

चीन से जुड़ाव और APK के जरिए अकाउंट नियंत्रण
प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह चीनी नागरिकों के लिए कार्य करता था, जो एक विशेष APK फाइल के माध्यम से म्यूल बैंक अकाउंट्स का रिमोट कंट्रोल लेते थे। आरोपियों द्वारा देश के अलग-अलग राज्यों के 500 से अधिक लोगों के साथ साइबर ठगी की गई है।

इन म्यूल अकाउंट्स में संदिग्ध और भारी ट्रांजैक्शंस का पता चला है, जिनके ज़रिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनी ट्रांसफर और लॉन्ड्रिंग की जा रही थी। प्रत्येक ट्रांजैक्शन के अनुसार आरोपियों को कमीशन मिलता था।

कानूनी कार्यवाही और अनुसंधान
थाना डी.डी. नगर में HDFC बैंक के 79 म्यूल अकाउंट्स पर अपराध क्रमांक 424/25, और थाना आजाद चौक में साउथ इंडियन बैंक के 17 खातों पर अपराध क्रमांक 283/25 दर्ज किया गया है। भारतीय न्याय संहिता की धारा 317(2), 317(4), 317(5), 111, 3(5) के तहत कार्रवाई की जा रही है।

बैंक और साइबर पोर्टल की मदद से जांच जारी
पुलिस बैंक से लगातार उन खातों की जानकारी जुटा रही है, जिनमें असामान्य या उच्च मात्रा में ट्रांजैक्शन हो रहे हैं। साइबर क्राइम पोर्टल की रिपोर्ट, बैंक ट्रांजैक्शन डाटा और तकनीकी साक्ष्य के आधार पर अन्य संलिप्त लोगों की भी पहचान की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

अभी और गिरफ्तारियां संभावित
पूछताछ के दौरान कई और लोगों के नाम सामने आए हैं जो इस नेटवर्क से जुड़े हैं और म्यूल अकाउंट्स का उपयोग ठगी के लिए कर रहे थे। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच गहराई से की जा रही है और जल्द ही अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी की जाएगी।