कैबिनेट की बैठक से NHM कर्मचारियों को थी उम्मींदे, लेकिन बर्खास्त कर्मियों की बहाली सहित अन्य मांगो में कोई भी फैसला नही होने से छाई मायूसी

कैबिनेट की बैठक से NHM कर्मचारियों को थी उम्मींदे, लेकिन बर्खास्त कर्मियों की बहाली सहित अन्य मांगो में कोई भी फैसला नही होने से छाई मायूसी

October 1, 2025 0 By Ajeet Yadav
रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज कैबिनेट की बैठक हुई। इस बैठक को लेकर एनएचएच कर्मचारियों को बड़ी उम्मींदे थी, लेकिन शाम के वक्त जब कैबिनेट बैठक में हुए फैसलों की जानकारी आई, तो एक बार फिर एनएचएम कर्मचारियों के हाथ मायूसी लगी। लंबी हड़ताल के दौरान बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली सहित अन्य मांगो पर किसी भी तरह का फैसला नही होने से प्रदेशभर के एनएचएम कर्मचारी काफी निराश है।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के 16 हजार 500 एनएचएम कर्मचारियों ने अपनी 10 सूत्रीय मांगो को लेकर धरना दिया था। 18 अगस्त से शुरू हुआ ये अनिश्चितकाली हड़ताल 33 दिनों तक चला था। इस दौरान सरकार ने हड़ताल खत्म नही होने पर प्रदेश अध्यक्ष सहित 25 हड़ताली कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया था। 33 दिनों तक चले इस हड़ताल में सरकार ने एनएचएम कर्मचारियों के कुछ मांगो पर अपनी सहमति जताते हुए जल्द ही उसका आदेश जारी करने का आश्वासन दिया था। जबकि ग्रेड पे, अनुकंपा नियुक्ति एवं स्थानांतरण नीति पर 3 माह की समयसीमा तय की गई थी।

हड़ताल स्थगन के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल से भेंट कर हड़ताल अवधि का वेतन देने और 25 बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली का भी आश्वासन दिया था। लेकिन हड़ताल खत्म होने के 10 दिन बाद भी एनएचएम के बर्खास्त कर्मचारियों की न तो बहाली का आदेश जारी हुआ है और न ही हड़ताल के 33 दिनों का वेतन उन्हे दिया गया। ऐसे में प्रदेशभर के एनएचएम कर्मचारियों को आज हुए कैबिनेट की बैठक से काफी उम्मींदे थी। उन्हे उम्मींद थी कि कैबिनेट की बैठक में एनएचएम के मुद्दों पर सरकार फैसला लेकर मुहर लगा सकती है, लेकिन ऐसा नही हो सका। एनएचएम कर्मचारियों ने सरकार से एक बार फिर अपील की है कि त्यौहारी सीजन में जहाँ पूरा प्रदेश उत्सव मना रहा है। वहीं 16,500 एनएचएम कर्मचारी अपने परिवार का खर्च चलाने तक के लिए परेशान हैं।

प्रदेश अध्यक्ष डॉ.अमित कुमार मिरी ने कहा….
एनएचएम के प्रदेश अध्यक्ष डाॅ.अमित कुमार गिरी ने कहा कि….एनएचएम कर्मचारी अपनी जायज मांगों को लेकर 18 अगस्त से हड़ताल पर थे। स्वास्थ्य मंत्री एवं मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद आंदोलन स्थगित किया गया। चर्चा में जिलों में की गई कार्रवाई शून्य करने और 25 पदाधिकारियों की बहाली का आश्वासन मिला था। लेकिन आज की कैबिनेट बैठक में 25 बर्खास्त एनएचएम कर्मचारियों की बहाली और 10 सूत्रीय मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने से कर्मचारियों को एक बार फिर निराशा हाथ लगी है।।